राज्य में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार व्यवस्था चौपट , मेडिकल कॉलेज के बड़े भवन सिर्फ रेफर सेंटर बन कर रह गए हैं-उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी
अल्मोड़ा, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा समेत अल्मोड़ा और पूरे पर्वतीय क्षेत्रों से डॉक्टरों के हो रहे तबादलों पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य को बदहाल स्थितियों की ओर सुनियोजित रूप से झोंका जा रहा है।
उपपा के संयोजक पी सी तिवारी ने कहा कि अपने गठन के बाद से ही राज्य अपनी बदहाली से पीड़ित है। राज्य में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार व्यवस्था चौपट है और मेडिकल कॉलेज के बड़े भवन सिर्फ रेफर सेंटर बन कर रह गए हैं। सरकार जानबूझकर सरकारी स्वास्थ्य ढांचे को खोखला कर रही है ताकि निजी अस्पतालों को बढ़ावा दिया जा सके।
उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा में मेडिकल कॉलेज खुलने से आम जनता को बहुत आशाएं थी परन्तु सरकार ने चिकित्सकों के तबादले करके आम जनमानस की उम्मीदों और पहाड़ की स्वास्थ्य व्यवस्था पर कुठाराघात किया है। यह पर्वतीय क्षेत्रों की लगातार उपेक्षा और सुनियोजित निजीकरण की साजिश है।
पी सी तिवारी ने कहा कि एक तरफ आए दिन उपचार के लिये अस्पताल में आने वाले लोग बुनियादी जांचों के लिए भी हफ़्तों इंतज़ार करते हैं और गर्भवती महिलाएं अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्तों में दम तोड़ देती हैं, वहीं दूसरी तरफ डॉक्टरों के तबादले कर सरकार पहाड़ की स्वास्थ्य सेवाओं को निजी हाथों में सौंपने का रास्ता साफ कर रही है।
अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज लंबे समय से फैकल्टी की कमी से जूझ रहा है। वर्तमान में प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर के 112 पद रिक्त चल रहे हैं। कॉलेज में 178 पदों के सापेक्ष मात्र 66 पदों पर ही तैनाती हो सकी है। फैकल्टी की कमी से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। सरकार रिक्त पद भरने के बजाय तैनात डॉक्टरों का भी तबादला कर रही है।
उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि निजीकरण के इस दौर में सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं को आम जनता से छीनकर एक उत्पाद की तरह बेचना चाहती है। सरकारी अस्पतालों को डॉक्टर-विहीन करके मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में महंगे इलाज के लिए धकेला जा रहा है। चिकित्सकों के ये तबादले सरकार की इसी जनविरोधी, निजीकरण परस्त मंशा को उजागर कर रहे हैं।
उपपा ने जनता से सरकार के इस जनविरोधी निर्णय का एकजुट होकर विरोध करने की अपील की है।