जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने की जल स्रोत एवं नदी पुनर्जीवन प्राधिकरण (SARRA) के कार्यों की समीक्षा, धीमी प्रगति पर जताई कड़ी नाराजगी
प्रेस नोट
अल्मोड़ा, जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने आज जल स्रोत एवं नदी पुनर्जीवन प्राधिकरण (SARRA) के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष कम उपलब्धि एवं कार्यों की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को कार्यों में तत्काल तेजी लाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जल स्रोतों के संरक्षण, संवर्धन एवं पुनर्जीवन से जुड़ी यह अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब अक्षम्य होगा। उन्होंने जलागम, वन एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करें तथा लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करें।
बैठक में जिलाधिकारी ने वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों के पुनर्जीवन, चेकडैम, चाल-खाल तथा सीमेंट-कंक्रीट से निर्मित चेकडैम सहित विभिन्न कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने इन कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि परियोजना के अपेक्षित परिणाम धरातल पर दिखाई दें।
इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने वनीकरण तथा बांज के पौधरोपण से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने वन विभाग को इन गतिविधियों में अपेक्षित प्रगति लाने तथा निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि वे शीघ्र ही परियोजना के अंतर्गत संचालित कार्यों का स्वयं स्थलीय निरीक्षण करेंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि निरीक्षण से पूर्व कार्यों की प्रगति में ठोस सुधार दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल कागजी प्रगति पर्याप्त नहीं है, बल्कि धरातल पर कार्यों की वास्तविक उपलब्धि सुनिश्चित करना विभागों की जिम्मेदारी है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा, परियोजना निदेशक केएन तिवारी, उप प्रभागीय वनाधिकारी काकुल पुंडीर सहित अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।