सड़क से बंचित रीम,पिपलखेत,पतलचौरा,चिमचुआ आदि गावों के लोग रोड नही वोट के लिए बाध्य
अल्मोड़ा- भैसियाछाना बिकास खंड के कनारीछीना बिनूक पतलचौरा कागजों में सिमटी रह गई। उत्तराखंड प्रथक राज्य अगल होने के बाद भी 4पतलचौरा ,चिमचुआं अनुसूचित जाति का बाहुलि गांव सड़क से बंचित है।उत्तराखंड प्रथक राज्य के बाद सरकार आई और गई लेकिन पतलचौरा व चिमचुआ गांव के अनुसूचित जाति के लोगों लिए सड़क तो दूर की ठीक ढंग रास्ता तक नही बन पाया।
आठ सालों से इस क्षेत्र के लोग सड़क के लिए बिभागों के चक्कर काटते रहे ।एक बिभाग से दूसरे बिभाग के दप्तरों में ये फायल अटकी है।

दो किलोमीटर ढलान व दो किलोमीटर चढ़ाई से इस क्षेत्र के लोग कैसे कैसे आते जाते है।
जब कभी कोई गर्ववती महिला को निकटम अस्पताल ले जाना होता तब डोली के सहारे से जैसे तैसे ले जाना पड़ता है।निकटतम अस्पताल कनारीछीना में कोई डांक्टर नही।
प्रताप सिंह नेगी ने इस सड़क के निर्माण कार्य को शीघृ बनाने के लिए शासन प्रशासन को चेतावनी दी डाली।
अगर2027 से पहले इस सड़क का निर्माण कार्य शुरु नही हुआ तो।कनारी,रीम,पिपलखेत,पतलचौरा,चिमचुआ आदि गावों के लोग रोड नही वोट के लिए बाध्य हो सकते है।