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अल्मोड़ा लिट्रेचर फेस्टिवल (ALF) का चौथा संस्करण 30 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक अल्मोड़ा स्थित मल्ला महल में आयोजित किया जाएगा

अल्मोड़ा लिट्रेचर फेस्टिवल (ALF) का चौथा संस्करण 30 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक अल्मोड़ा स्थित मल्ला महल (पुराना कलेक्ट्रेट) में आयोजित किया जाएगा। ग्रीन हिल्स ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय फेस्टिवल में साहित्य, सिनेमा, संगीत, पत्रकारिता, नृत्य और कला जगत की कई प्रतिष्ठित हस्तियाँ शिरकत करेंगी। इस वर्ष के प्रमुख आकर्षणों में प्रख्यात गीतकार एवं प्रसार भारती के अध्यक्ष प्रसून जोशी शामिल हैं। वहीं, नेटफ्लिक्स की चर्चित वेब सीरीज़ मामला लीगल है, और कटहल तथा 12th फेल जैसी फिल्मों से जुड़े अभिनेता अनंत विजय जोशी भी फेस्टिवल में उपस्थित रहेंगे। भारतीय शास्त्रीय नृत्यांगना मालती श्याम और हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक रवि जोशी अपनी भागीदारी से फेस्टिवल को शुशोभित करेंगे |
पत्रकारिता और समसामयिक विषयों पर विमर्श को आगे बढ़ाते हुए लोकप्रिय कार्यक्रम ‘तीन ताल’ के लिए पहचाने जाने वाले पत्रकार कुलदीप मिश्रा भी फेस्टिवल का हिस्सा होंगे। इनके साथ सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एवं लेखक संजीव चोपड़ा साहित्य, इतिहास और सामाजिक विमर्श से जुड़े विषयों पर अपनी दृष्टि साझा करेंगे। समकालीन संगीत और युवा अभिव्यक्ति को मंच देते हुए गायक एवं रैपर रोहन पांगती और तरुण बिष्ट भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी पहाड़ी अंचल से सम्बन्ध रखने वाले देश- विदेश में अपनी कलम एवं विचारों से प्रभाव छोड़ने वाले साहित्यकार पर चर्चा हेतु एक विशेष सत्र रखा गया है, जिसमें इस वर्ष शैलेश मटियानी के हिंदी साहित्य में योगदान पर गहन चर्चा की जाएगी|
हिमालयी क्षेत्र की विशिष्ट प्राकृतिक विरासत को केंद्र में रखते हुए महोत्सव में हिमालयी पारिस्थितिकी, जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन से जुड़े विषयों पर पैनल चर्चाओं के साथ विशेष फोटो टॉक सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों का उद्देश्य हिमालय के पर्यावरणीय महत्त्व, उसकी जैव विविधता और बदलते पारिस्थितिक परिदृश्य पर सार्थक संवाद को प्रोत्साहित करना है।
हिमालयन पारिस्थिकी एवं जनजीवन से जुड़े विशेष फोटो टॉक्स में जयमित्र बिष्ट एवं हर्षित रौतेला के सत्र सम्मिलित है|
इसके अतिरिक्त, अल्मोड़ा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराने के लिए प्रख्यात मानवविज्ञानी एवं इतिहासकार लोकेश ओहरी एवं छायाकार जयमित्र बिष्ट के नेतृत्व में क्रमशः ‘चलमोड़ा’; एवं ‘वाक टू नौला’ जैसे विशेष हेरिटेज-वॉक आयोजित किये जायेंगे, जिनके माध्यम से प्रतिभागियों को नगर के इतिहास, स्थापत्य और सांस्कृतिक पहचान को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।
इस वर्ष अल्मोड़ा लिट्रेचर फेस्टिवल का एक प्रमुख उद्देश्य युवाओं को केवल दर्शक के रूप में नहीं, बल्कि फेस्टिवल की वैचारिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागी के रूप में जोड़ना है। ओपन माइक और साइफर जैसे मंच युवाओं को अपनी रचनात्मक प्रतिभा, विचारों, संगीत और अभिव्यक्ति को प्रस्तुत करने के अवसर देंगे। विशेष बात यह है कि पैनल चर्चाओं के लगभग 70 प्रतिशत मॉडरेटर युवा होंगे, जिससे समकालीन विमर्श में नई पीढ़ी के दृष्टिकोण को प्रमुखता मिलेगी। इसके अतिरिक्त, एम्ब्रॉयडरी और मंडाला आर्ट सहित विभिन्न रचनात्मक कार्यशालाओं के माध्यम से

प्रतिभागियों को नई कलाएं सीखने और अपनी रचनात्मकता को निखारने का अवसर मिलेगा। फ़ेस्टिवल के दौरान फिल्म एवं डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग भी आयोजित की जाएगी, जिनमें उत्तराखंड के ही युवाओं द्वारा ही निर्मित डॉक्यूमेंट्री ‘अमरकथा: अल्मोड़ा की रामलीला’ विशेष रूप से उल्लेखनीय है। स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को दृश्य माध्यमों के जरिए नई पीढ़ी से जोड़ने की यह पहल फेस्टिवल को अधिक समावेशी बनाने और युवाओं की भागीदारी एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में उनकी हिस्सेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।

40 से अधिक क्यूरेटेड सत्रों के साथ आयोजित होने वाला यह फेस्टिवल साहित्य, लोक-कला, क्षेत्रीय लेखन और सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों को विशेष स्थान देगा। बच्चों और स्कूली विद्यार्थियों के लिए भी कला, लोककथाओं, नुक्कड़-नाटक और ओपन माइक जैसी गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इस प्रकार, अल्मोड़ा लिट्रेचर फेस्टिवल उत्तराखंड की समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत को व्यापक मंच प्रदान करने के साथ-साथ साहित्य, पर्यावरण और सर्वव्यापी समसामयिकी से जुड़े विविध विषयों पर संवाद का एक महत्त्वपूर्ण अवसर बनेगा।

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