शासन द्वारा बड़ी संख्या में शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर पदों के सृजन किए जाने से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्थाएं मजबूत होंगी-कुलपति
अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा की परिधि क्षेत्र में आने वाले बागेश्वर, चंपावत एवं पिथौरागढ़ परिसरों हेतु शैक्षणिक एवं शिक्षणेतर संवर्ग में कुल 329 पदों को समर्पित करते हुए सोबन सिंह जीना परिसर के रूप में स्थापित परिसरों हेतु शैक्षणिक संवर्ग एवं शिक्षणेत्तर संवर्ग में कुल 244 पद सृजित किए हैं। इस संबंध में मनुज गोयल, अपर सचिव, उत्तराखण्ड शासन, उच्चशिक्षा अनुभाग-1 द्वारा पत्र निर्गत हुआ है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 सतपाल सिंह बिष्ट ने जानकारी देते हुए कहा कि सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय की संरचनात्मक स्थिति को बेहतर बनाने का कार्य हो रहा है। इसी क्रम में अब विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण क्षण अया है। इस विश्वविद्यालय में शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर पदों के इतनी बड़ी संख्या में सृजन होना हमारे लिए गौरव का क्षण है। हमारी विश्वविद्यालय की शैक्षणिक स्थितियां मजबूत होंगी। विश्वविद्यालय के परिसरों के लिए विभिन्न पदों का सृजन होना इस विश्वविद्यालय के लिए मील का पत्थर साबित होगा। कुलपति प्रो0 बिष्ट ने बताया कि शासन से निर्गत पत्र के अनुसार पंडित बद्रीदत्त पांडे पी0 जी0 काॅलेज, बागेश्वर, लक्ष्मण सिंह महर पी0जी0काॅलेज, पिथौरागढ़ एवं राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय चम्पावत अब सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा के परिसर के रूप में स्थापित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।उन्होंने बताया कि उच्चशिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित बागेश्वर चंपावत एवं पिथौरागढ़ महाविद्यालयों हेतु शैक्षणिक संवर्ग एवं शिखणेत्तर संवर्ग में सृजित कुल 329 पदों को समर्पित करते हुए सोबन सिंह जीना परिसर के रूप में स्थापित परिसरों (बागेश्वर, चम्पावत और पिथौरागढ़) हेतु शैक्षणिक संवर्ग एवं शिक्षणेत्तर संवर्ग में बागेश्वर परिसर के लिए 39, चंपावत परिसर के लिए 31, पिथौरागढ़ परिसर के लिए 95 शैक्षणिक पद (प्रोफेसर, एसोशिएट प्रोफेसर एवं असिस्टेंट प्रोफेसर) सृजित हुए हैं। इसके साथ ही शिक्षणेत्तर (विभिन्न वर्ग) के लिए बागेश्वर परिसर में 22, चंपावत में 17, पिथौरागढ़ के लिए 41 पदों का सृजन हुआ है। शैक्षणिक संवर्ग हेतु सृजित पदों के सापेक्ष शासन एवं विश्वविद्यालय द्वारा उक्त तीनों कैंपसों हेतु संचालित किए जाने वाले विषयों का निर्धारण कर लिया जाएगा। 14 सहायक अध्यापकों (जो अभी परिसर में संचालित विषयों के सापेक्ष कार्य कर रहे हैं) को उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित पी जी काॅलेजों में संबंधित विषयवार पद रिक्त होने अथवा नवीन तद्विषयक पद सृजित होने पर तद्नुसार समायोजित कर लिए जायेंगे। आउटसोर्स के माध्यम से सृजित पद पर कार्मिक विभाग के आदेश तथा कौशल विकास विभाग के शासनादेश का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए ही आउटसोर्स के माध्यम से कार्मिकों की तैनाती की जाएगी।कुलपति प्रो0 बिष्ट ने कहा कि पदों के सृजन होने से विश्वविद्यालय में लगातार जनसंसाधनों की हो रही कमी पूर्ण होगी। शोध गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और विद्यार्थियों को अच्छे प्राध्यापक प्राप्त होंगे। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 सतपाल सिंह बिष्ट ने पदों के सृजन के लिए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति ले ज गुरमीत सिंह जी, मा0 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी, मा0 शिक्षामंत्री डाॅ0 धनसिंह रावत जी एवं उच्चशिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों का आभार जताया।विश्वविद्यालय के कुलसचिव डाॅ0 देवंेद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि इन पदों के सृजन होने से निस्संदेह यह विश्वविद्यालय अपने लक्ष्य को प्राप्त करेगा। उन्होंने कुलपति प्रो0 सतपाल बिष्ट के पद सृजन को लेकर किए गए प्रयासों के लिए आभार भी जताया।