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सोबन सिंह जीना परिसर के तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत, भव्य उद्घाटन

सोबन सिंह जीना परिसर के तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत भव्य उद्घाटन के साथ हुआ। तीन दिवसीय लोकरंग सांस्कृतिक उत्सव का उद्घाटन स्वामी विवेकानन्द सभागार में मुख्य अतिथि रूप में श्री मनोज तिवारी (विधायक,अल्मोड़ा), कार्यक्रम अध्यक्ष प्रो प्रवीण सिंह बिष्ट (परिसर निदेशक),अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो शेखर चन्द्र जोशी,कार्यक्रम संयोजक प्रो संजीव आर्य, सांस्कृतिक सचिव दर्शन कुमार और छात्रसंघ के अध्यक्ष लोकेश सुप्याल, उपाध्यक्ष भूपेश गैडा, महासचिव विशाल बिष्ट, संयुक्त सचिव दिनेश कुमार, कोषाध्यक्ष विनय कनवाल,छात्रा उपाध्यक्ष निकिता रौतेला आदि ने दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया।
संगीत विभाग द्वारा राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रगान, कुलगीत, सरस्वती वंदना और स्वागत गीत का गायन किया गया। इसके उपरांत अतिथियों का बैज अलंकरण कर, प्रतीक चिन्ह देकर स्वागत किया गया।
इस अवसर पर महोत्सव के संयोजक प्रो संजीव आर्या ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों के संबंध में जानकारी दी।
विशिष्ट अतिथि श्री मनोज तिवारी (विधायक,अल्मोड़ा) ने कहा विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक समारोह का आयोजन होना सुखद है। हम भी अपने विद्यार्थी जीवन में इन कार्यक्रमों के साथ जुड़ा रहा है। हमारी सांस्कृतिक विरासत दुनिया की सबसे पुरानी विरासत है। भारत की सांस्कृतिक से गर्व होता है। हम सब अपने पूर्वजों, रंगकर्मियों के सोच को आगे बढ़ाएं। उन्होंने लोकरंग आयोजकों को बधाइयाँ दी।

अध्यक्ष रूप में प्रो प्रवीण सिंह बिष्ट (परिसर निदेशक) ने कहा अल्मोड़ा नगरी में हमेशा सांस्कृतिक नगरी को बढ़ावा मिला है। इस नगरी में कई कलाकार दिए हैं। यह परिसर भी रंगमंच के लिए कई कलाकारों को दे चुका है। उन्होंने अल्मोड़ा की सांस्कृतिक इतिहास को प्रस्तुत किया। उन्होंने लोकरंग उत्सव आयोजकों को बधाई दी।
अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो शेखर चन्द्र जोशी ने कहा की छात्रसंघ, सांस्कृतिक सचिव, अधिष्ठाता छात्र कल्याण मंडल, कुलानुशासक मंडल के सहयोग से भव्य सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन किया गया है।
सांस्कृतिक संयोजक दर्शन कुमार ने लोकरंग उत्सव में सभी का स्वागत किया।
कुलसचिव डॉ देवेन्द्र सिंह बिष्ट ने कहा कि मनमोहक प्रस्तुतियां दे रहे हैं। विद्यार्थी हमारी संस्कृति के वाहक हैं।
अध्यक्ष लोकेश सुप्याल एवं अन्य पदाधिकारियों द्वारा पूर्व छात्रसंघ पदाधिकारियों, छात्र प्रतिनिधियों का सम्मान किया।
18 से 20 अगस्त,2026 तक आयोजित होने वाले इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रथम दिवस पर कला, विज्ञान, दृश्यकला, शिक्षा, विधि संकाय की झांकियों ने दर्शकों का मन मोहा।
विभिन्न संकायों के कलाकारों ने झोड़ा, उत्तराखंड की संस्कृति को उजागर करती हुई झांकियों को प्रस्तुत किया। शिक्षा संकाय से स्वामी विवेकानंद सभागार तक आयोजित हुई झांकी ने मन मोहा। तदुपरांत शिक्षा, विज्ञान, विधि, शिक्षा और दृश्यकला संकाय के कलाकारों ने लोक नृत्य प्रतियोगिता में पार भिड़े की बसंती छोरी जै हो कुमाऊं जै हो गढ़वाला, म्यार गाव मूंग माला, रूपसा रमौती आदि गीतों पर नृत्य प्रस्तुति दी। विभिन्न परिसरों के कलाकारों ने प्रस्तुति दी।
कुमाऊं और गढ़वाल के लोकभूमि से जुड़े लोकगीतों पर नृत्य किये गए। कार्यक्रम का संचालन प्रो. ए. के. नवीन, डॉ नीलम और डॉ कौशल कुमार ने संयुक्त रूप से किया।रंगकर्मी नीरज बिष्ट और संदीप नयाल ने लोकनृत्य प्रतियोगिता के निर्णायक तथा डॉ रिजवाना सिद्धिकी और डॉ. पूरन जोशी ने झांकी के निर्णायक की भूमिका निभाई।
कार्यक्रमों के प्रथम दिवस पर विभिन्न संकायों के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अधिष्ठाता छात्र कल्याण और कुलानुशासक मंडल के सदस्यों और कार्मिकों ने सहयोग दिया।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ देवेन्द्र सिंह बिष्ट, प्रो मधुलता नयाल, प्रो रूबीना अमान, डॉ एच आर कौशल (संकायाध्यक्ष, वाणिज्य), प्रभारी कुलानुशासक डॉ भुवन चंद्रा, डॉ दीपक टम्टा, डॉ प्रज्ञा वर्मा, डॉ मनोज बिष्ट, प्रकाश भट्ट, गुलाब,भुवन विद्यार्थी,डॉ कुसुमलता आर्या, डॉ साक्षी तिवारी,डॉ पुष्पा वर्मा, संजय सिंह कठायत, आनंद सिंह, मनोज वर्मा,नितिन रावत, युवम बोहरा, गोलू सतवाल, गौरव भंडारी सहित पूर्व छात्रसंघ पदाधिकारी और छात्र प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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