शुद्धीकरण’ के विरोध में कांग्रेस का सत्याग्रह, बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष जताया विरोध
अल्मोड़ा। हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेतामल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद रैली स्थल पर कथित रूप से गंगाजल छिड़ककर एवं यज्ञ कर ‘शुद्धीकरण’ किए जाने की घटना के विरोध में आज जिला कांग्रेस कमेटी अल्मोड़ा द्वारा बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की प्रतिमा के समक्ष सत्याग्रह किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस घटना को सामाजिक समरसता, संविधान की मूल भावना और लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताते हुए अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
सत्याग्रह के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह भोज ने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता, सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार देता है। बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने अपना पूरा जीवन जातिगत भेदभाव और छुआछूत जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ संघर्ष करते हुए देश को समानता और सामाजिक न्याय का रास्ता दिखाया।
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की जाति या सामाजिक पृष्ठभूमि के आधार पर किसी कार्यक्रम स्थल को ‘अपवित्र’ मानना और उसके बाद उसका शुद्धीकरण करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण मानसिकता का परिचायक है। लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी नेता अथवा नागरिक की सामाजिक पहचान के आधार पर उसका अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता।
भोज ने कहा कि श्री मल्लिकार्जुन खड़गे जी देश के वरिष्ठ राजनेता और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उनके सम्मान में आयोजित कार्यक्रम के बाद इस प्रकार की कथित कार्रवाई केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं बल्कि संविधान की उस भावना का भी अपमान है, जो सभी नागरिकों को समान अधिकार और सम्मान प्रदान करती है।
विधायक मनोज तिवारी कहा कि कांग्रेस पार्टी इस प्रकार की विभाजनकारी और भेदभावपूर्ण सोच के खिलाफ हमेशा मजबूती से खड़ी रही है और आगे भी खड़ी रहेगी। कांग्रेस का संघर्ष किसी धर्म या आस्था के खिलाफ नहीं है, बल्कि जाति के आधार पर भेदभाव और सामाजिक अपमान की मानसिकता के खिलाफ है।
विधायक तिवारी ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष सत्याग्रह करने का उद्देश्य देश और समाज को यह संदेश देना है कि संविधान सर्वोपरि है और भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर नागरिक की गरिमा समान है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि समाज को जोड़ने वाली राजनीति को मजबूत किया जाए, न कि जाति और भेदभाव की दीवारों को खड़ा किया जाए।
उन्होंने कहा कि भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह इस प्रकार की कथित ‘शुद्धीकरण’ की राजनीति और सामाजिक भेदभाव की मानसिकता का समर्थन करती है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि इस घटना पर जिम्मेदार लोगों को सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और समाज में गलत संदेश देने वाली ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकनी चाहिए।
सत्याग्रह में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “संविधान जिंदाबाद”, “बाबा साहब अमर रहें”, “सामाजिक समानता जिंदाबाद” तथा भेदभाव के खिलाफ नारे लगाते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह भोज ने कहा कि कांग्रेस बाबा साहब डॉ. आंबेडकर के संविधान, सामाजिक न्याय और समानता के विचारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी व्यक्ति को उसकी जाति के कारण अपमानित करने की मानसिकता के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए।
कार्यक्रम मैं मनोज तिवारी, प्रकाश चंद्र जोशी, तारा चन्द्र जोशी, आनंद सिंह बिष्ट, राधा बिष्ट, दीप डांगी अरविंद Rautela जगदीश तिवारी केशव दत्त पांडे, तारा चन्द्र साह, गोपाल सिंह, चंदन सिंह भोज, बचीराम, अम्बीराम आर्य, हरिराम आर्य, तारा तिवारी, किरण आर्य, गीता मेहरा, जया जोशी, गीता पांडेय, राधा तिवारी, फेमिना खान, पारितोष जोशी, बिशन सिंह बिष्ट, एन डी पाण्डेय, नवीन कोहली, दिनेश पाण्डेय, नरेंद्र सिंह अधिकारी, निर्मल रावत, प्रताप राम, भुवन गहरवाल, नाथ सिंह धानक, पारस नाथ, मुकेश कुमार डैनी, देव सिंह भोजक, नरेश बाराकोटी, अशोक गोस्वामी, पूरन रौतेला, मनोज वर्मा, कार्तिक साह, हेम आर्य, आनंद कनवाल, हेम चंद्र तिवारी, जगदीश तिवारी, मुकेश नेगी, विकास कुमार दिनेश पिलख्वाल, दीपक कुमार, मयंक बिष्ट, निर्मल रावत, दीपेश कांडपाल, अरविंद रौतेला, मयंक बिष्ट, हिमांशु कांडपाल, जितेंद्र सिंह अधिकारी, वैभव पांडे, दिनेश पांडे, निजाम कुरैशी, घनश्याम गुरुरानी, गौरव बर्मा, पंकज पॉल मेसी, इसरार एहमद, मौजूद रहे।
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