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अल्मोड़ा में जल संकट के स्थायी समाधान को लेकर बिट्टू कर्नाटक ने डीएम को सौंपा प्रस्ताव


अल्मोड़ा-पूर्व दर्जा मंत्री (कैबिनेट स्तर) उपाध्यक्ष एनआरएचएम उत्तराखंड सरकार बिट्टू कर्नाटक ने अल्मोड़ा में लगातार बनी रहने वाली पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए जिलाधिकारी को विस्तृत प्रस्ताव भेजा है। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु में कोसी नदी में अत्यधिक सिल्ट आने, समय-समय पर विद्युत बाधित होने तथा मटेला पंपिंग पेयजल योजना के प्रभावित होने के कारण अल्मोड़ा शहर और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति अक्सर बाधित रहती है,उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकाल में कोसी नदी का जलस्तर कम होने से भी शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर पेयजल संकट पैदा हो जाता है, जिससे लोगों को नौलों और प्राकृतिक जल स्रोतों से दूर-दूर जाकर पानी लाना पड़ता है।
बिट्टू कर्नाटक ने अपने प्रस्ताव में कहा कि अल्मोड़ा एवं आसपास के क्षेत्रों में अनेक प्राकृतिक जल स्रोत ऐसे हैं, जिनमें वर्षभर पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध रहता है,इन स्रोतों के पानी का वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण (स्टोरेज) कर उसका वितरण सुनिश्चित किया जाए तो पेयजल संकट से काफी हद तक राहत मिल सकती है। उन्होंने मांग की कि वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना को शामिल करते हुए जल संस्थान एवं पेयजल निगम को आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराई जाए तथा संबंधित विभागों को इसके लिए निर्देश जारी किए जाएं। श्री कर्नाटक ने यह भी सुझाव दिया कि नए बनने वाले सभी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग व्यवस्था अनिवार्य की जाए तथा भवन मानचित्र तभी स्वीकृत किए जाएं, जब वर्षा जल संचयन की व्यवस्था सुनिश्चित हो,उनका कहना है कि इससे वर्षा जल का बेहतर उपयोग होगा और भविष्य में अल्मोड़ा नगर एवं आसपास के क्षेत्रों को जल संकट से काफी हद तक राहत मिल सकेगी, तथा आने वाले समय में इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान की ओर बढ़ा जा सके।।

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