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मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा में एंटी रैगिंग जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, विद्यार्थियों को दी गई कानूनी एवं अनुशासनात्मक प्रावधानों की जानकारी

अल्मोड़ा, 08 अक्टूबर 2026। सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा में गुरुवार को एमबीबीएस बैच 2026 के नवप्रवेशित एवं बैच 2025 के वरिष्ठ विद्यार्थियों हेतु एंटी रैगिंग जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को रैगिंग के दुष्परिणामों, कानूनी प्रावधानों एवं राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के दिशा-निर्देशों के प्रति जागरूक करना तथा महाविद्यालय में सुरक्षित, अनुशासित एवं रैगिंग मुक्त वातावरण सुनिश्चित करना था।

कार्यक्रम में जिला न्यायालय अल्मोड़ा की अधिवक्ता श्रीमती नीतू कपकोटी ने विद्यार्थियों को रैगिंग से संबंधित कानूनी प्रावधानों, दंडात्मक कार्रवाई एवं शिकायत निवारण प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रैगिंग विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास एवं शैक्षणिक जीवन पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है तथा इसमें संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

सामुदायिक चिकित्सा विभाग के सहायक आचार्य डॉ. मनीष भट्ट ने पावरपॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से रैगिंग के विभिन्न स्वरूपों, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के एंटी रैगिंग नियमों, संस्थागत एंटी रैगिंग समिति, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया तथा दोषी पाए जाने पर संभावित दंडात्मक कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने विद्यार्थियों को रैगिंग के प्रति शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति अपनाने तथा किसी भी अप्रिय घटना की तत्काल सूचना देने के लिए प्रेरित किया।

एनेस्थीसियोलॉजी विभाग की प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. उर्मिला पलारिया ने विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा में अनुशासन, नैतिक मूल्यों, आपसी सहयोग एवं सकारात्मक व्यवहार के महत्व के संबंध में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ अध्ययन करने तथा वरिष्ठ विद्यार्थियों को अपने कनिष्ठ साथियों के प्रति सहयोगात्मक एवं संवेदनशील व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया।

संस्थान के चीफ वार्डन डॉ. ए. एन. सिन्हा ने छात्रावास एवं महाविद्यालय परिसर में अनुशासन बनाए रखने, छात्रावास के नियमों का पालन करने तथा सीनियर एवं जूनियर विद्यार्थियों के मध्य सौहार्दपूर्ण संबंध स्थापित करने के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं सम्मान संस्थान की प्राथमिकता है।

कार्यक्रम का संचालन शरीर रचना विज्ञान विभाग की सहायक आचार्य डॉ. निधि मंगला द्वारा किया गया। इस अवसर पर शरीर रचना विज्ञान विभाग की सहायक आचार्य डॉ. सुनीता तथा जूनियर रेजिडेंट डॉ. मयूरी एवं डॉ. शैलेश भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में एमबीबीएस बैच 2025 एवं 2026 के विद्यार्थियों को रैगिंग मुक्त शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने, आपसी सम्मान एवं सहयोग की भावना विकसित करने तथा किसी भी प्रकार की रैगिंग अथवा उत्पीड़न की घटना की सूचना तत्काल संस्थान प्रशासन को देने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम का समापन “रैगिंग मुक्त परिसर, सुरक्षित एवं सम्मानजनक चिकित्सा शिक्षा” के संदेश के साथ हुआ।

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