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मानसखण्ड विज्ञान केंद्र, अल्मोड़ा में हरेला महोत्सव के दूसरे दिन पौधरोपण एवं जैव विविधता संरक्षण पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित


अल्मोड़ा, 16 जुलाई। मानसखण्ड विज्ञान केंद्र (एमकेएससी), अल्मोड़ा में हरेला महोत्सव के दूसरे दिन पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पौधरोपण, वैज्ञानिक व्याख्यान एवं प्रदर्शन सत्र का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत केंद्रीय विद्यालय, अल्मोड़ा के विद्यार्थियों ने मानसखण्ड विज्ञान केंद्र परिसर में बिभिन्न प्रजाति के पौधों का रोपण किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के निर्माण का संकल्प लिया।
मानसखण्ड विज्ञान केंद्र, अल्मोड़ा की सह-प्रभारी डॉ. प्रियंका अधिकारी ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए केंद्र में उपलब्ध विभिन्न वैज्ञानिक एवं शैक्षणिक सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने विज्ञान शिक्षा को बढ़ावा देने में केंद्र की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए स्टेम (STEM) प्रयोगशाला की गतिविधियों एवं उसकी उपयोगिता से विद्यार्थियों को अवगत कराया।
इसके पश्चात डॉ. जी.सी.एस. नेगी ने “जैव विविधता का ह्रास एवं उसका संरक्षण” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने जैव विविधता के महत्व, उसके समक्ष उत्पन्न चुनौतियों तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।
डॉ. रवीन्द्र जोशी ने तितलियों पर विस्तृत एवं ज्ञानवर्धक प्रस्तुति दी। उन्होंने तितलियों की विभिन्न प्रजातियों, उनकी पारिस्थितिकीय भूमिका तथा उनकी पहचान के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी साझा की। इसके उपरांत उन्होंने तितलियों की पहचान एवं अवलोकन का व्यावहारिक प्रदर्शन (डेमोंस्ट्रेशन) भी कराया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम में केंद्रीय विद्यालय, अल्मोड़ा के श्री चेतन देव एवं श्रीमती ममता धीवान भी विद्यार्थियों के साथ उपस्थित रहे तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना सहयोग प्रदान किया।
हरेला महोत्सव के दूसरे दिन आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता के महत्व तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ प्रकृति के संरक्षण के प्रति प्रेरित किया। कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण एवं हरित जीवनशैली अपनाने के संदेश के साथ हुआ।

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