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सात दिवसीय कार्यशाला संपन्न ,कहानी राजा सुथी लाल की’ पर आधारित नाट्य प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही

पं. गोविंद बल्लभ पंत राजकीय संग्रहालय, अल्मोड़ा, संस्कृति विभाग, उत्तराखंड द्वारा महान नृत्य एवं कला साधक गुरु उदय शंकर की स्मृति एवं उनकी कलात्मक विरासत को समर्पित 7-दिवसीय रंगमंच एवं फिल्म निर्माण कार्यशाला का भव्य समापन समारोह आज उदय शंकर नाट्य अकादमी, अल्मोड़ा में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक मनोज तिवारी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कला एवं संस्कृति प्रेमियों की उपस्थिति रही और अकादमी का सभागार दर्शकों से भरा रहा।

सात दिवसीय कार्यशाला में शामिल 40 प्रतिभागियों ने रंगमंच, अभिनय, पटकथा, कैमरा, फिल्म एवं डॉक्यूमेंट्री निर्माण सहित विभिन्न विधाओं में प्राप्त प्रशिक्षण के आधार पर अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियां दीं। प्रतिभागियों द्वारा ‘कहानी राजा सुथी लाल की’ पर आधारित नाट्य प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। प्रस्तुति का मार्गदर्शन कैलाश कांडवाल, शुभम शर्मा एवं अभिषेक डोभाल द्वारा किया गया। प्रतिभागियों के अभिनय, प्रस्तुति और सामूहिक प्रयास को दर्शकों ने खूब सराहा तथा तालियों के साथ उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम में भातखंडे संगीत महाविद्यालय, अल्मोड़ा के कलाकारों द्वारा शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुतियां भी दी गईं। इसके पश्चात गुरु उदय शंकर की पुत्रवधू एवं प्रसिद्ध कलाकार श्रीमती तनुश्री शंकर तथा कोलकाता से आई उनकी मंडली द्वारा विशेष प्रस्तुति दी गई। उनकी प्रस्तुति को उपस्थित दर्शकों ने बेहद सराहा और पूरे सभागार में उत्साह एवं तालियों की गूंज रही। इस अवसर पर श्रीमती तनुश्री शंकर को अल्मोड़ा में निर्मित तांबे के गोलू देवता की प्रतिमा स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट की गई।

समापन अवसर पर विधायक मनोज तिवारी ने कहा कि गुरु उदय शंकर की कलात्मक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ना इस आयोजन की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को कला की विभिन्न विधाओं में सीखने और अपनी रचनात्मक प्रतिभा को मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करते हैं।

मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा ने कार्यशाला के मेंटर्स, कलाकारों, प्रतिभागियों तथा आयोजन से जुड़े सभी लोगों के प्रयासों की सराहना की और साथ ही आशा व्यक्त की कि उदय शंकर नाट्य अकादमी को आगे भी निरंतर सांस्कृतिक एवं कलात्मक गतिविधियों का जीवंत केंद्र बनाया जाएगा।

कार्यक्रम में मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा एवं दर्जा राज्य मंत्री गंगा बिष्ट, दर्जा राज्य मंत्री गोविंद सिंह पिलख्वाल, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के अध्यक्ष पी.सी. तिवारी, प्रो. शेखर जोशी, वसुधा पंत, डॉ. दीपा गुप्ता, कार्यक्रम क्यूरेटर हिमांशु धरमोरा, संग्रहालय निदेशक श्रीमती जयन्ती खाती तथा संस्कृति विभाग के श्री जनमेजय तिवारी, कल्याण मनकोटी, संदीप ठाकुर, मनोज गुप्ता, डॉ. निर्मल जोशी, आशीष जोशी, जयमित्र बिष्ट, राजेंद्र तिवारी सहित कलाकार, रंगकर्मी, संस्कृति विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, कार्यशाला के प्रतिभागी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों द्वारा सभी कलाकारों, प्रशिक्षकों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया। सात दिनों तक चली यह कार्यशाला गुरु उदय शंकर की प्रयोगधर्मी कला-दृष्टि को नई पीढ़ी से जोड़ने और ऐतिहासिक उदय शंकर नाट्य अकादमी को पुनः सक्रिय सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में संपन्न हुई ।

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