7वीं बटालियन आईटीबीपी मिर्थी के अधिकारी अरविंद डंगवाल को राष्ट्रपति सराहनीय सेवा पदक
मिर्थी/पिथौरागढ़। देश की सीमाओं की सुरक्षा में अपने अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 7वीं बटालियन भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), मिर्थी में तैनात द्वितीय कमान अधिकारी अरविंद डंगवाल को राष्ट्रपति सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया गया है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्राप्त यह प्रतिष्ठित सम्मान उनके लगभग तीन दशक लंबे समर्पित सेवाकाल की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
अरविंद डंगवाल ने वर्ष 1998 में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल में अपने सेवाकाल की शुरुआत की थी। तब से लेकर अब तक उन्होंने देश के विभिन्न दुर्गम, सामरिक और संवेदनशील क्षेत्रों में अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। विषम भौगोलिक परिस्थितियों, कठिन मौसम और चुनौतीपूर्ण सुरक्षा परिस्थितियों के बीच उन्होंने हमेशा अपने दायित्वों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
करीब तीन दशक की सेवा में अधिकारी डंगवाल ने न केवल सीमाई सुरक्षा से जुड़े दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाया, बल्कि देश की महत्वपूर्ण सुरक्षा व्यवस्थाओं में भी अपनी जिम्मेदार भूमिका का निर्वहन किया। उन्हें देश के अत्यंत प्रतिष्ठित विशेष सुरक्षा दल (SPG) में सेवाएं देने का गौरव भी प्राप्त हुआ है।
आईटीबीपी के हिमवीरों के लिए “शौर्य, दृढ़ता, कर्मनिष्ठा” केवल बल का आदर्श वाक्य नहीं, बल्कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में कर्तव्य निभाने की प्रेरणा है। (ITB Police) अरविंद डंगवाल का लंबा सेवाकाल इन तीनों मूल्यों की भावना को प्रतिबिंबित करता है। सीमाओं की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में दृढ़ रहकर राष्ट्रहित में अपने दायित्वों का निर्वहन करना उनके सेवाकाल की विशेष पहचान रही है।
विशेष रूप से हिमालयी सीमा क्षेत्र में तैनात आईटीबीपी के जवान और अधिकारी अत्यंत कठिन परिस्थितियों में देश की सीमाओं की सुरक्षा का दायित्व निभाते हैं। ऐसे वातावरण में नेतृत्व की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। अधिकारी डंगवाल ने अपने अनुभव, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता के माध्यम से अधीनस्थ बल का मनोबल बनाए रखने के साथ-साथ सौंपे गए दायित्वों को प्रभावी ढंग से पूरा किया है।
राष्ट्रपति सराहनीय सेवा पदक किसी अधिकारी के लिए केवल व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि उसके वर्षों के निःस्वार्थ समर्पण, अनुशासन, उत्कृष्ट कार्यशैली और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता की सार्वजनिक मान्यता है। अरविंद डंगवाल को मिला यह सम्मान उनके सेवाकाल में किए गए उल्लेखनीय कार्यों और देश की सुरक्षा के प्रति उनकी निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
वर्तमान में 7वीं बटालियन आईटीबीपी, मिर्थी में तैनात अरविंद डंगवाल की इस उपलब्धि से बटालियन के साथ-साथ सीमांत पिथौरागढ़ क्षेत्र में भी गौरव की भावना है। उनके सम्मान को आईटीबीपी के उन सभी हिमवीरों के समर्पण की उपलब्धि के रूप में भी देखा जा सकता है, जो कठिनतम परिस्थितियों में राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं।
उनकी यह उपलब्धि युवा अधिकारियों और जवानों के लिए भी प्रेरणास्रोत है कि कर्तव्य के प्रति निष्ठा, विपरीत परिस्थितियों में दृढ़ता और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण अंततः सम्मान और गौरव का आधार बनते हैं।
अरविंद डंगवाल को प्राप्त राष्ट्रपति सराहनीय सेवा पदक 7वीं बटालियन आईटीबीपी मिर्थी के लिए निश्चित रूप से गौरव का विषय है और यह सम्मान बल की गौरवशाली सेवा परंपरा को और मजबूत करता है।