80वें स्वतंत्रता दिवस पर 80 कवियों ने किया बाल कविताओं का पाठ
अल्मोड़ा। बच्चों की पत्रिका बालप्रहरी एवं बालसाहित्य संस्थान अल्मोड़ा द्वारा 80वें स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित 1553 वें आॅनलाइन कार्यक्रम में 80 कवियों ने देश प्रेम पर आधारित बाल कविताएं पढ़ी। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान गौचर के प्राचार्य एवं चमोली के मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत ने देश प्रेम पर आधारित कविताओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि यदि हम सब अपने-अपने कार्य को ईमानदारी व लगन के साथ करते हैं तो यही सच्ची देश भक्ति है। उन्होंने कहा कि हम सब अपने अधिकारों के लिए जागरूक रहते हैं हमें अपने कर्तव्यों को भी समझना होगा। उन्होंने कहा ये करना चाहिए, ऐसा करना चाहिए जैसे उपदेश दूसरों को देने के बजाय हम क्या कर सकते हैं। इसके लिए हमें सबसे पहले अपनी पहल करनी होगी। सेवानिवृत्त आयकर आयुक्त श्याम पलट पांडेय ने कहा कि किसी आयोजन को करने के लिए बहुत सी तैयारी करनी होती है। बालप्रहरी द्वारा प्रतिदिन स्वयं सेवी तौर पर आॅनलाइन कार्यक्रम करना जहां एक रिकार्ड है वहीं प्रतिदन बच्चों को तैयार करना, प्रतिदिन अलग-अलग बच्चे को संचालन की जिम्मेदारी देना, रोज नए अतिथि से संपर्क करना बालप्रहरी का बच्चों के लिए समर्पण ही है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दुबई के वरिष्ठ साहित्यकार के बी. ब्यास ने कहा कि तकनीकी के आज के युग में हमें मोबाइल तकनीकी का सही उपयोग करने की जरूरत है। अध्यक्षता करते हुए फरीदाबाद की पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी डाॅ. इंदु गुप्ता ने बालप्रहरी द्वारा बच्चों के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की गई । जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान खंडवा,म.प्र. के वरिष्ठ प्रवक्ता डाॅ. अशोक नेगी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए जागरूक अभिभावकों से बच्चों को इस पटल पर जोड़ने की अपील की। इस कार्यक्रम में भारत के 16 राज्यों के अलावा दुबई तथा डेनमार्क से भी आमंत्रित कवियों ने कविता पाठ किया। कार्यक्रम के संयोजक बालप्रहरी के संपादक तथा बालसाहित्य संस्थान उत्तराखंड के सचिव उदय किरौला ने कहा कि बालप्रहरी के प्रत्येक अंक में 12 पृष्ठों पर बच्चों की रचनाएं दी जाती हैं। कोरोना काल से प्रतिदिन बच्चों के लिए आॅनलाइन कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। जिसमें लगभग 36 विधाओं के माध्यम से बच्चे अपनी अभिव्यक्ति देते हैं। इन कार्यक्रमों का संचालन अध्यक्ष्ता बच्चे करते हैं। बच्चे ही विशिष्ट अतिथि बनते हैं प्रतिदिन किसी शिक्षाविद्,वैज्ञानिक, साहित्यकार तथा अभिभावक को बतौर मुख्य अतिथि बनाकर बच्चों से संवाद करने का अवसर दिया जाता है। बच्चों के साथ ही अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन, अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, अभिभावक सम्मेलन भी समय -समय पर आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने बालप्रहरी को सहयोग करने के लिए शिक्षकों तथा अभिभावकों का आभार प्रकट किया। इस अवसर पर बालसाहित्य शोध संस्थान दरभंगा के अध्यक्ष डाॅ. सतीश चंद्र भगत, महिला महाविद्यालय मंडला के प्राचार्य प्रो.शरद नारायण खरे, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डीडीहाट के प्राचार्य भास्करानंद पांडे, हरदेव सिंह धीमान(शिमला,हि.प्र.),डाॅ. संगीता गुप्ता(ग्वालियर), डाॅ. शील कौशिक(सिरसा,हरियाणा), डाॅ. दीक्षा चौबे(दुर्ग,छत्तीसगढ़),सुनील कुमार माथुर (जोधपुर,राजस्थान), शिवा धरावेश (सिरमौर,हि.प्र.),कृपालसिंह शीला, नरेंद्रपाल सिंह, मीना जोशी ‘मीनू’, डाॅ. पुष्पलता जोशी‘पुष्पलता’,सोनू उप्रेती ‘सांची’,डाॅ. रीता सिंह,सरोजनी कुकरेती, रूखसाना बानो, हीरा सिंह कौशल,पारसचंद्र जैन,डाॅ. धाराबल्लभ पांडेय,प्रकाशचंद्र पांडे, गंगा आर्या, सुमित श्रीवास्तव, सहित कई सात्यिकार,शिक्षक तथा80वें स्वतंत्रता दिवस पर 80 कवियों ने किया कविता पाठ
अल्मोड़ा। बच्चों की पत्रिका बालप्रहरी एवं बालसाहित्य संस्थान अल्मोड़ा द्वारा 80वें स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित 1553 वें आॅनलाइन कार्यक्रम में 80 कवियों ने देश प्रेम पर आधारित बाल कविताएं पढ़ी। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान गौचर के प्राचार्य एवं चमोली के मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत ने देश प्रेम पर आधारित कविताओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि यदि हम सब अपने-अपने कार्य को ईमानदारी व लगन के साथ करते हैं तो यही सच्ची देश भक्ति है। उन्होंने कहा कि हम सब अपने अधिकारों के लिए जागरूक रहते हैं हमें अपने कर्तव्यों को भी समझना होगा। उन्होंने कहा ये करना चाहिए, ऐसा करना चाहिए जैसे उपदेश दूसरों को देने के बजाय हम क्या कर सकते हैं। इसके लिए हमें सबसे पहले अपनी पहल करनी होगी। सेवानिवृत्त आयकर आयुक्त श्याम पलट पांडेय ने कहा कि किसी आयोजन को करने के लिए बहुत सी तैयारी करनी होती है। बालप्रहरी द्वारा प्रतिदिन स्वयं सेवी तौर पर आॅनलाइन कार्यक्रम करना जहां एक रिकार्ड है वहीं प्रतिदन बच्चों को तैयार करना, प्रतिदिन अलग-अलग बच्चे को संचालन की जिम्मेदारी देना, रोज नए अतिथि से संपर्क करना बालप्रहरी का बच्चों के लिए समर्पण ही है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दुबई के वरिष्ठ साहित्यकार के बी. ब्यास ने कहा कि तकनीकी के आज के युग में हमें मोबाइल तकनीकी का सही उपयोग करने की जरूरत है। अध्यक्षता करते हुए फरीदाबाद की पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी डाॅ. इंदु गुप्ता ने बालप्रहरी द्वारा बच्चों के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान खंडवा,म.प्र. के वरिष्ठ प्रवक्ता डाॅ. अशोक नेगी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए जागरूक अभिभावकों से बच्चों को इस पटल पर जोड़ने की अपील की। इस कार्यक्रम में भारत के 16 राज्यों के अलावा दुबई तथा डेनमार्क से भी आमंत्रित कवियों ने कविता पाठ किया। कार्यक्रम के संयोजक बालप्रहरी के संपादक तथा बालसाहित्य संस्थान उत्तराखंड के सचिव उदय किरौला ने कहा कि बालप्रहरी के प्रत्येक अंक में 12 पृष्ठों पर बच्चों की रचनाएं दी जाती हैं। कोरोना काल से प्रतिदिन बच्चों के लिए आॅनलाइन कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। जिसमें लगभग 36 विधाओं के माध्यम से बच्चे अपनी अभिव्यक्ति देते हैं। इन कार्यक्रमों का संचालन अध्यक्ष्ता बच्चे करते हैं। बच्चे ही विशिष्ट अतिथि बनते हैं प्रतिदिन किसी शिक्षाविद्,वैज्ञानिक, साहित्यकार तथा अभिभावक को बतौर मुख्य अतिथि बनाकर बच्चों से संवाद करने का अवसर दिया जाता है। बच्चों के साथ ही अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन, अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, अभिभावक सम्मेलन भी समय -समय पर आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने बालप्रहरी को सहयोग करने के लिए शिक्षकों तथा अभिभावकों का आभार प्रकट किया। इस अवसर पर बालसाहित्य शोध संस्थान दरभंगा के अध्यक्ष डाॅ. सतीश चंद्र भगत, महिला महाविद्यालय मंडला के प्राचार्य प्रो.शरद नारायण खरे, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डीडीहाट के प्राचार्य भास्करानंद पांडे, हरदेव सिंह धीमान(शिमला,हि.प्र.),डाॅ. संगीता गुप्ता(ग्वालियर), डाॅ. शील कौशिक(सिरसा,हरियाणा), डाॅ. दीक्षा चैबे(दुर्ग,छत्तीसगढ़),सुनील कुमार माथुर (जोघपुर,राजस्थान), शिवा धरावेश(सिरमौर,हि.प्र.द),कृपालसिंह शीला, नरेंद्रपाल सिंह, मीना जोशी ‘मीनू’डाॅ. पुष्पलता जोशी‘पुष्पलता’, डाॅ. रीता सिंह,सरोजनी कुकरेती, रूखसाना बानो, हीरा सिंह कौशल,पारसचंद्र जैन,डाॅ. धाराबल्लभ पांडेय,प्रकाशचंद्र पांडे,दीक्षा जोशी, दिनेश पांडे, गंगा आर्या, सुमित श्रीवास्तव, सहित कई सात्यिकार,शिक्षक तथा अभिभावक उपस्थित थे। संचालन राजकीय प्राथमिक विद्यालय मनान की प्रधानाध्यापक सोनू पांडे उप्रेती ‘सांची’ ने किया।