डायरी में लिखा एक शब्द बना उम्मीद की किरण, “राजेपुर” से खुला घर तक पहुंचने का रास्ता,एक दशक बाद अपनों से मिला श्याम…
मानसिक रूप से अस्वस्थ एक व्यक्ति,जो लगभग 10 वर्ष से ताड़ीखेत व मजखाली क्षेत्र में इधर-उधर भटकते हुए जीवन व्यतीत कर रहा था। स्थानीय लोग उसे जानते थे परन्तु वास्तविक पहचान किसी को ज्ञात नही थी।
चौकी प्रभारी द्वारा व्यक्ति को चौकी लाकर धैर्यपूर्वक पूछताछ की, साथ ही नेटग्रिड पोर्टल के माध्यम से भी उसकी पहचान का प्रयास किया गया, किन्तु गुमशुदगी अत्यंत पुरानी होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी।
व्यक्ति को लिखने के लिए डायरी दी गई, जिसमें उसने “राजेपुर” शब्द लिखा। इसी सुराग/स्थान के आधार पर थाना राजेपुर, जनपद फर्रुखाबाद (उ.प्र.) से संपर्क किया गया। फोटो सत्यापन के बाद लगभग चार दिन में उसकी पहचान श्याम सिंह पुत्र फेरू सिंह (51 वर्ष), निवासी ग्राम राजेपुर राठौड़ी, थाना राजेपुर, जनपद फर्रुखाबाद के रूप में हुई।
दिनांक 06.08.2026 को उसका पुत्र अमित सिंह एवं अन्य परिजन मजखाली चौकी पहुंचे। उन्होंने बताया कि मानसिक स्थिति खराब होने के बाद श्याम सिंह घर से लापता हो गए थे और वर्षों की तलाश के बाद भी उनका कोई पता नहीं चला था।
करीब एक दशक बाद श्याम सिंह को देखकर परिजनों की आंखें नम हो गईं। परिजनों ने अल्मोड़ा पुलिस एवं उत्तराखंड पुलिस की संवेदनशील कार्यप्रणाली की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए हृदय से आभार व्यक्त किया।