ग्रीन हिल्स ट्रस्ट द्वारा बल्धौती वन क्षेत्र में वृक्षारोपण किया, बांज, पदम्, रीठा, सुरइ, वितरेण, जेकरंडा आदि के पौधों का रोपण किया गया
हरेले पर्व के पूर्व दिवस पर आज विगत कई वर्षों की भांति ग्रीन हिल्स ट्रस्ट द्वारा बल्धौती वन क्षेत्र में वृक्षारोपण का कार्य किया गया जिसमें बांज, पदम्, रीठा, सुरइ, वितरेण, जेकरंडा आदि के पौधों का रोपण किया गया| इस कार्यक्रम में सरस्वती शिशु मंदिर की प्रधानाध्यापिका पूनम जोशी, महर्षि विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य भट्ट , एन टी डी प्राइमरी विद्यालय एवं जूनियर हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक बलवंत , एनटीडी जीजीआईसी की अध्यापिका हेमलता वर्मा ने अपने स्टाफ एवं छात्र छात्राओं के साथ प्रतिभाग पूरे हर्षोल्लास के साथ प्रतिभाग किया गया| कार्यक्रम में ग्रीन हिल्स ट्रस्ट की संस्थापिका डॉ वसुधा पन्त द्वारा बच्चों के द्वारा पूर्व वर्षों में लगाये गए पौधों का भी अवलोकन कराया गया और पर्यावरण संरक्षण के लिए उन पौधों के संरक्षण के महत्त्व को बताया गया साथ ही भूमिगत जल संरक्षण के संदर्भ में जंगल में बनाये गए ट्रेंचेज, होल्स, छोटे तालाबों आदि के बारे में भी जानकारी दी गई| सभी बहुत उत्साहवर्धक था यह देखना की जिस तरह से शिशु मंदिर के छोटे छोटे बच्चे बिना किसी निर्देश के वहां फैले हुए प्लास्टिक कूड़े को और खाली बोतलों को बीन कर इकठ्ठा कर रहे थे जो वहां हर रोज बैठ कर आनंद लेने वाले या रस्ते का उपयोग करने वाले फैला कर जाते है|
विद्यालयों के अतिरिक्त एसएसबी की टीम ने भी प्रतिभाग किया| इस कार्यक्रम को सफल बनाने में दीपक जोशी, भूषण पांडे एवं दिलीप का योगदान बहुत सराहनीय है|
उत्तराखंड में कुमायूं क्षेत्र का प्रसिद्ध त्यौहार हरेला जो की श्रावण मास की शुरुआत यानि की कर्क संक्रांति के दिन मनाया जाता है| और यह पर्व आमतौर पर 16 जुलाई को ही पड़ता है| यह लोक पर्व हरियाली, कृषि एवं शिव पारवती की आराधना का प्रतीक माना जाता रहा है| और आज के समय मैं यह पर्व पर्यावरण संरक्षण का मुख्य द्योतक हो बन चूका है| इस दिन बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण का कार्य किया जाने लगा है| यह समय हमारी जलवायु के अनुसार बहुत उचित समय भी है पौधारोपण के लिए| हमेशा से यह माना जाता रहा है की इस दिन किया गया रोपण सदैव सफल होता है|