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लोक संस्कृति के प्रहरी दीवान कनवाल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया


अल्मोड़ा। उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध लोकगायक एवं लोक संस्कृति के प्रहरी दीवान कनवाल के निधन पर भारतीय जनता पार्टी के जिला मीडिया प्रभारी मनीष कुमार जोशी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि दीवान कनवाल ने उत्तराखंड, विशेषकर कुमाऊँ अंचल की समृद्ध लोक संस्कृति और लोक संगीत को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मनीष कुमार जोशी ने अपने शोक संदेश में कहा कि दीवान कनवाल केवल एक लोकगायक ही नहीं थे, बल्कि वे कुमाऊँ की सांस्कृतिक विरासत के सच्चे संवाहक थे। अपने गीतों और प्रस्तुतियों के माध्यम से उन्होंने पहाड़ की परंपराओं, लोक जीवन, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने का सराहनीय कार्य किया। उनके गीतों में पहाड़ की मिट्टी की सुगंध, लोकजीवन की सरलता और संस्कृति की गहराई स्पष्ट रूप से झलकती थी।
उन्होंने कहा कि कुमाऊँनी रामलीला के संरक्षण और संवर्धन में भी दीवान कनवाल का विशेष योगदान रहा। कुमाऊँ की विशिष्ट शैली की रामलीला को जीवंत बनाए रखने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा नई पीढ़ी को इस महान सांस्कृतिक परंपरा से जोड़ने का निरंतर प्रयास किया। उनके मार्गदर्शन और सहभागिता से क्षेत्र में रामलीला की परंपरा और अधिक सशक्त हुई।
मनीष कुमार जोशी ने कहा कि दीवान कनवाल का संपूर्ण जीवन लोक संस्कृति और लोक संगीत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समर्पित रहा। उनके निधन से उत्तराखंड के सांस्कृतिक जगत को अपूरणीय क्षति पहुँची है। उनका जाना केवल एक कलाकार का निधन नहीं, बल्कि लोक संस्कृति के एक समर्पित प्रहरी का खो जाना है।
उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को इस दुख की घड़ी में धैर्य और संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।

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