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नेशनल हाईवे संशोधन विधेयक में पहाड़ी राज्यों के हितों की रक्षा हेतु केंद्र सरकार से की मांग

अल्मोड़ा, 28 नवंबर। आगामी 1 दिसंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में केंद्र सरकार द्वारा नेशनल हाईवे संशोधन विधेयक लाए जाने की पुष्टि की गई है। इस संबंध में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राजीव गुरुरानी ने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा को ज्ञापन सौंपकर विशेष रूप से उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों के लिए महत्वपूर्ण संशोधनों को विधेयक में शामिल करने की मांग की है।राजीव गुरुरानी ने अपने ज्ञापन में कहा कि पहाड़ी राज्यों की भौगोलिक परिस्थितियाँ अन्य राज्यों से भिन्न हैं, इसलिए हाईवे निर्माण से संबंधित नियमों में इन राज्यों के लिए विशेष प्रावधान अनिवार्य किए जाएँ।ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें भवन/दुकान प्रभावित होने पर पुनर्वास व्यवस्था,यदि नेशनल हाईवे विस्तार के दौरान किसी भवन या दुकान का हिस्सा अधिग्रहण में आता है, तो ऐसे प्रभावित परिवारों को उसी हाईवे पर चौड़े स्थान पर जमीन उपलब्ध कराकर पुनः रोजगार प्राप्त करने की व्यवस्था की जाए।

अधिग्रहण के बाद पार्किंग व्यवस्था-जहाँ भी राज्य या केंद्र सरकार की भूमि उपलब्ध हो, वहाँ हाईवे किनारे अतिरिक्त पार्किंग क्षेत्र विकसित करने का प्रावधान शामिल किया जाए।आपदा प्रभावित क्षेत्रों में बिना देरी त्वरित कार्यवाहीउत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में आपदाएँ आम हैं। इसलिए प्रमुख मार्गों को पहले से चिन्हित कर:,वैकल्पिक मार्ग निर्माण,तत्काल मार्ग और बिना टेंडर प्रक्रिया के त्वरित कार्य शुरू करने हेतुहर खंड में विशेष अग्रिम बजट उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया।खोलने,पहाड़ी मार्गों के तकनीकी मानक बढ़ाने की आवश्यकता

पहाड़ी सड़कों में अधिकतम ढाल सीमा 7% से बढ़ाकर 10% करने की अनुमति।तीव्र ढाल वाले स्थानों पर एस्केप लेन का अनिवार्य निर्माण।सीमित स्थानों वाले इलाकों में कम रेडियस वाले मोड़ की अनुमति।सुरक्षा बैरियर व चेतावनी साइनिंग अनिवार्य की जाए।भारी वाहनों के लिए विशेष गति सीमा तय की जाए।पहाड़ी मार्गों पर चलने वाले ड्राइवरों के लिए विशेष प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाए।वैज्ञानिक तकनीक एवं सुरक्षा प्रबंधन=पहाड़ों में कटिंग के दौरान वैज्ञानिक तकनीक का प्रयोग।सड़क योजना के साथ वृक्षारोपण योजना अनिवार्य रूप से लागू।हर 10–15 किमी पर इमरजेंसी लेन व पार्किंग की व्यवस्था।हर 20–25 मिनट की दूरी पर एंबुलेंस, क्रेन, प्राथमिक उपचार व रेस्क्यू टीम की उपलब्धता का सुझाव।ज्ञापन सौंपने के दौरान मौजूद रहे राजीव गुरुरानी के साथ,नगर अध्यक्ष विनीत बिष्ट,त्रिलोचन जोशी,दीक्षांत पवार,एस. कुमार, ललित जोशीआदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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