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उत्तराखंड के मित्रों के नाम चिट्ठी

         शुभ स्थान - अल्माड़
        चैत 27 पैट, वृहस्पतिवार
         9 अप्रैल, 2026

सिद्धीश्री सर्वोपमा योग्यवर-6
आमा-बुबू, ठुल ईजा-ठुल बौज्यू, कका-काकी,ममा-मामी और सबै ठुला कैं म्येरि पैला और ननां कैं प्यार आशीष।
उत्तराखंड में सरकारल खूब दैल-फैल करि रै। नेताओं कैं लाल बत्ती दिबे विधान सभा चुनावै लिजी तैयारी करि हाली। चुनाव बखत आपुण पार्टी लिजी जनूंल आपुण तरफ बटी ढेपू टॉक खर्च करीं। उनूंकै सरकार लाल बत्ती दिबे खुशि करण रै। य बीच एक पार्टी बटी दुसार पार्टी में खूब भजाभज हैरै। जो नेताओं कैं लागण रौ कि पार्टी में उनूंकै टिकट मिलणी नहां। उ दुसार पार्टी में जाणै तैयारी करण रयीं। क्वे-क्वे नेता सांसद निधि और विधायक निधि डबलौ चक्कर में लै पार्टी बदलण रयीं बल। य बीच सरकारल कुछ लोगों कैं साहित्यकार सम्मान दि बे खुशि करि रौ। कुछ लोगों कैं मुख्यमंत्री सहायता कोष बटी सहायता दि हाली। विधान सभा अध्यक्ष ज्यूल लै आपुण तरफ बटी क्ये कसर नि छोड़ि रयि बल।
पहाड़ा उच्च डना में अप्रैल में ह्यौ पड़ि गो। पहाड़ पन ह्यौन जसै ठंड हैगो। बनैन और कामो समाई हछी। य बीच द्यो क्ये हौछ। दुबारा रजाई, कामो और बनैन भ्यार निकाई हाली। ह्यौन जसै ठंड हैगो। खुटां में तात नि उण रौय। हमार गौंक सभापति ज्यू कूणी कि चौमास जसै द्यो हैगो। चौमास में जै बखत मडु-झुंगौर कैं द्यो चैन पड़ौल उ बखत रूड़ जसै पड़ि जालि। द्यो वजैल क्यार-म्यारा में हरियाली हैगे। क्ये करछा ग्यूं फसला लीजि द्यो नुकसान करणी हैरौ। क्वे-क्वे जगां ग्यूं पाकि गयीं। राड़ और दैण पाकि गो। मस्यूर लै क्वे जगां भलै हैरौ। जो लोग हुनुर करनी। उ बेमौसमी साग बजार पन बेचि बे ढिल ढेपू कमाण रयीं। हमार गौंक सभापति ज्यू कूणी कि जलवायु परिवर्तन में आब सब ऋतु लै अघि या पछी जाणीं।
पाली पछाऊं में साल्दे-बिखोती कौतिकै तैयारी चलि रै। द्वरहाट में द्वि पैट बैशाख हूं लगभग 20-30 गौं लोग नगार-निशाण लिबे साल्दे- बिखोती कौतिक जानी। हमार गौंक सभापति ज्यू कूनी कि पैली बटी चैत एक पैट फूलदे दिन बटी द्वरहाट इलाक पन झ्वाड़ चाल है जांछी। आब झ्वड़ां रंगत कम देखिण रै। बागै अन्यार बिराउ हैरौ। क्वे-क्वे गौं में चैत 15 पैट बाद झ्वाड़ हुण रयीं। टेलीविजन और मुबाइलौ आजौ जमान में झ्वाड़ कूणी कम है गयीं। पर नई पीढ़ी नान-तिन गौं-गौं जैबे लोगों कैं आपुण संस्कृति कैं बचाणा लिजी कोशिश करण रयीं। आज भोउ सोशल मीडिया में लोग आपुण गौं झ्वाड़ डालण रयीं। हमार गौंक सभापति ज्यू कूणी कि सभापति चुनाव बाद गौं में गुटबाजी हैगे। गौं जात-बिरादरी, ताल धाड़- माल धाड़ , ताल बाखई-माल बाखई में बांटी गई। क्वे कैक महाउ जहां तैयार नहां तौ क्वे कैक घर जहां तैयार नि छू। गौं पना लौंड-मौंड गौं में झ्वाड़ कुणा लिजी लोगों कैं तैयार करण रयीं। हमार गौंक सभापति ज्यू कूणी कि गौं पना स्यैणी और दीदि-बैणी जनूकैं रंग छू उ झ्वाड़ कुणा लिजी तैयार छन। पर गौं में एकजुट करणी लोग कम छन। गेवाड़- मासि में सोमनाथ कौतिकै तैयारी चलि रै।
उत्तराखंडा स्कूलों में सरकारल प्रवेशोत्सव मनाणै औडर करि रौ बल। ठुल-ठुल सैप गौं स्कूल जैबे आपुण नना कैं सरकारि स्कूल में भर्ती करो कुण रयीं। सैप लोग आपुण नना कैं शहर बजारा प्राइवेट स्कूल में भर्ती करण रयीं। सरकारि स्कूला कुछ मास्टरौल आपुण नान सरकारि स्कूलों में भर्ती करि हाली। य भलि बात छू। नेपाल में सरकारल प्राइवेट स्कूल बंद करि हाली बल। वेति आब सारै नान सरकारि स्कूल में पढ़ाल कै बात चलि रै। हमार भारत में तो ठुल-ठुल नेताओंल और ठेकदारौल स्कूल खोलि रयीं। स्कूल क्ये खोलि रयीं। कौपि-किताब, बस्त और ड्रेस लै स्कूलै में बेचण रयीं। मुख्यमंत्री, मंत्री और ठुल नेता प्राइवेट स्कूल और प्राइवेट अस्पतालों उद्घाटन करण रयीं। स्कूल वाल चुनाव बखत नेताओं कैं खूब चंद दिनी बल। सरकारल प्राइवेट और सरकारि सब स्कूलों खुलणौ और छुट्टी हुणौ इकै बखत करि हालौ बल। सरकारि स्कूला मास्टर और युनियन वाल यैक विरोध करण रयीं बल। गरमी में तो क्ये बात नै। पर जाड़ों में पहाड़ पन रतै निगुर ठंड है जां। सरकारि स्कूलों में नान कम होते जाणी। पैली बटी गौं स्कूल कैं ठुल बनाणा लिजी लोग लागि रछी। आब गौं-गौं में प्राइवेट स्कूल खोलणा लिजी लोग जुगुत में लागि रयीं।
चैता महैण भिटौई दिणै जुगुत में लोग लागियै छन। जादेत्तर लोग औनलाइन भिटौई लिजी ढेपू टॉक भेजण रयीं। य बीच पहाड़ा गौनू पन जौ जागर और भूत पुजै चलियै छू। शिबौ लै अल्माड़ में दिनेश फार्मेसी वाल ललित मोहन भट्ट ज्यू लै खतम है गयीं। हमार गौंक सभापति ज्यू कूणी कि भट्ट ज्यू अल्माड़ में सबूं है सस्त दवाई बेचछी। नई साल में शराबा नई दुकान मंजूर है गयीं। पहाड़ पन समझो राम राज्य ऐगो। दै दूदै खूब इफरैत हैरै। सरकार जनगणना करणै तैयारी में लागि रै। कुछ जागरूक लोग जात-पात खतम करणा लिजी लागि रयीं। सरकार जनगणना में आपुण जात लिखो कुणै बल। हमार गौंक सभापति ज्यू कूणी सरकारौ क्ये भरोसा नहां। क्ये अंदाज सरकार स्कूलों में अलग-अलग जाति ननां लिजी अलग चुल लगाणै सोचण रै। यैक एक फैद है जाल अलग-अलग जाति लिजी अलग-अलग भोजन माता धरी जाल। बेरोजगारी लै कम है जालि। घरौं पन काउ, घिनौड़, रिसि और नर्ची काउ कम होते जाणीं।
आज इतूकै लेखण रयूं। चिट्ठी ठुलि हैगे कै नराज झन हया। रोज सोचनू कि कम लेखूल। पर मनसुप जसै लागि जानी। चिट्ठी मिलि गे कै एक आंखर लेखि दीया। आज भोउ सबूं मुबाइल पर अनलिमिटेड प्लान हूंछ। एक आंखर लेखि दिला। तुमर मुबाइल घोइण जै क्ये रौ। चिट्ठी पढ़ि बे भल लागलौ तो इष्ट मितुरौं कै लै शेयर करि दीया। पहाड़ पन आपुण इज-बौज्यू और आम-बुब कै इकलै झन छोड़िया। गौं बाखई पन लोग बहुत मजाक बनानी। मरि बे पिपो पाणि और सराद में पंडि ज्यू कैं दान करि दिया। भलि बात छू। पर ज्यौन जी बुड़-बाड़ी कैं एक घुटुक चहा बखत पर मिलि जाओ, य जुगाड़ करि दिया। आज भोवा ब्वारी सास सौरन कैं जादे मुख नि लगाण राय। शिबौ बुड़-बाड़ि परेशन छन। भोल हमरि लै यसै गत्त होलि य समझि बे बुड़-बाड़ी स्याउ करि दिया। मौसम बददलण रौ। आपण ज्यानै हिफाजत करीया तबै पालना होलि। बांकि फिर लेखूल
तुमर मितुर,
उदय किरौला
संपादक बालप्रहरी
सचिव बालसाहित्य संस्थान
दरबारीनगर, अल्मोड़ा, उत्तराखंड

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