विशेषज्ञ चित्रकार प्रो. शेखर चन्द्र जोशी ने प्रतिभागियों को एक अनूठी विधा (कागज़ पर नाखूनों से उभार देकर – नखक्षत कला) से अवगत कराया
Almora-विगत दिनों (30 जनवरी से 06 फरवरी 2026) बिड़ला एजूकेशन ट्रस्ट पिलानी राजस्थान में स्किल फेस्ट 2026 का आयोजन हुआ। कौशल शिक्षा में विद्यार्थियों को सशक्त बनाने के लिए यह आयोजन कराया जाता है। इस वर्ष भी इसमें कार्यशालाएँ, प्रतियोगिताएँ, प्रदर्शनियाँ, मंचन तथा पुरस्कार वितरण के साथ इसका सफलतापूर्वक समापन हुआ। इसमें मुख्य अतिथि मेजर जनरल (रिटा.) एस.एस.नायर, निदेशक बी.ई.टी. रहे। विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षक व अतिथिगणों ने कार्यक्रम में उपस्थित रहकर कला व तकनीक विषयक जानकारियों के साथ विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।

कार्यशालाओं के लिए यू.वी रेजिन आर्ट में बिट्स की ऐश्वर्या गुप्ता, साॅफ्ट टाॅयज (खिलौने) में अमृतसर के दानिश व अंजू, नखक्षत कला में अल्मोड़ा के प्रो. शेखर चन्द्र जोशी, बांिटक कला में जयपुर की छवि पारिख व मनीषा, थर्माकोल मूर्तिकला में उदयपुर के हेमंत जोशी व नीमा राम, मंचीय कला में लखनऊ के संगम बहुगुणा व विकास श्रीवास्तव ने अपनी – अपनी विधा में विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया, इनके निर्देशन में विद्यार्थियों ने ‘गज,फुट,इंच‘ नाटक की मनमोहक प्रस्तुति दी।
इस कार्यशाला में नखक्षत कला के विशेषज्ञ चित्रकार प्रो. शेखर चन्द्र जोशी ने प्रतिभागियों को एक अनूठी विधा (कागज़ पर नाखूनों से उभार देकर – नखक्षत कला) सिखाते हुए यह पाया कि यहाँ के विद्यार्थियों में कला व कौशल के प्रति गहरी लगन है जो कि उनके कार्यो में निकलकर आयी। इसके अतिरिक्त स्टिल लाईफ पेंटिंग, बेस्ट यूज़ आॅफ ई-वेस्ट, योद्धा ड्रोन, ए.आई रोबो चैलेंज आदि भी कार्यशाला व इसके प्रदर्शन के मुख्य आर्कषण रहे।
कार्यशाला में विभिन्न विद्यालयों जैसे – बिड़ला बालिका विद्यापीठ, बालिका शिशु विहार, बालिका शिशु निकेतन, बिडला पब्लिक स्कूल आदि के 330 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। ‘ओवरआॅल बेस्ट स्कूल ट्राफी‘ का विजेता बिडला पब्लिक स्कूल तथा द्वितीय स्थान पर बिड़ला बालिका विद्यापीठ रहा।
इस आयोजन को क्यूरेटर इंचार्ज बिक्रमजीत सिंह अरोड़ा तथा आर्ट क्यूरेटर मोहित श्रीवास्तव ने बखूबी सम्पादित करवाया।
उल्लेखनीय है कि पिलानी को बड़वाली पिलाणी, सेठों वाली पिलाणी तथा कालेज वाली पिलानी के नामों से भी जाना जाता है। 1901 में बिड़ला स्कूल पिलानी की स्थापना हुई थी तथा बिड़ला एजूकेशन ट्रस्ट की स्थापना 1929 में हुई थी।