अल्मोड़ा में दर्शन उत्सव 2026 बना सांस्कृतिक संगम, सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में लोक रंगों की बही गंगा
अल्मोड़ा-कर्नाटक खोला स्थित रामलीला मैदान में 22 मार्च 2026 को आयोजित दर्शन उत्सव 2026 ने सच मायनों में सांस्कृतिक एकता और परंपराओं का भव्य उत्सव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य आयोजक पूर्व दर्जा मंत्री बिट्टू कर्नाटक ने बताया कि कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में पहुंचे दर्शकों ने विभिन्न राज्यों की लोक संस्कृतियों का एक ही मंच पर अद्भुत संगम देखा और पूरे आयोजन का भरपूर आनंद उठाया, श्री कर्नाटक ने कहा दोपहर 2 बजे शुरू हुए इस भव्य आयोजन में उत्तराखंड,उत्तर प्रदेश, हरियाणा और असम की सांस्कृतिक झलकियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।कार्यक्रम स्थल पर शुरुआत से ही उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला,जहां परिवारों सहित बड़ी संख्या में लोग इस सांस्कृतिक यात्रा का हिस्सा बने।कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में उत्तराखंड की पारंपरिक छपेली और गढ़वाली नृत्य ने स्थानीय संस्कृति की खूबसूरती को जीवंत किया। वहीं उत्तर प्रदेश की नृत्य नाटिका ने मंच पर भाव और अभिव्यक्ति का शानदार प्रदर्शन किया। हरियाणा के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत फाग और पनिहारी लोकनृत्य ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया, जबकि असम से आए कलाकारों ने अपने प्रसिद्ध बिहू नृत्य से पूरे माहौल में उत्सव का रंग भर दिया।सांस्कृतिक संध्या को और भी खास बनाया हल्द्वानी की प्रसिद्ध संगीतकार माया उपाध्याय ने, जिन्होंने भजन और लोकगीतों की

मधुर प्रस्तुतियों से दर्शकों को भावविभोर कर दिया।असम से आए जॉय डेका और उनके दल द्वारा प्रस्तुत बिहू नृत्य ने दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी। वहीं लखनऊ की सौम्य वर्मा एवं उनके साथी कलाकारों ने फ्यूजन नृत्य नाटिका के माध्यम से आधुनिक और पारंपरिक कला का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया।हरियाणा से आए मोहन सिंह एवं उनके दल ने अपने लोकनृत्य से हरियाणवी संस्कृति की झलक दिखाई, जबकि अल्मोड़ा की भावना कठायत एवं उनकी टीम ने उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं को मंच पर सजीव कर दर्शकों का दिल जीत लिया।कार्यक्रम के दौरान दर्शकों की तालियों और उत्साह ने कलाकारों का मनोबल बढ़ाया और पूरा मैदान सांस्कृतिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया। आयोजन स्थल पर व्यवस्था भी सुचारू रही,जिससे दर्शकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। इस भव्य आयोजन का सफल संचालन मुख्य आयोजक बिट्टू कर्नाटक के नेतृत्व में भुवनेश्वर महादेव मंदिर एवं रामलीला समिति, कर्नाटक खोला द्वारा किया गया। आयोजकों ने बताया कि दर्शन उत्सव का उद्देश्य लोगों को अपनी व्यस्त दिनचर्या से निकालकर अपनी जड़ों, लोकगीतों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है और इस आयोजन में उमड़ी भीड़ ने इस उद्देश्य को पूरी तरह सफल साबित कर दिया।अंत में आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, कलाकारों और उपस्थित दर्शकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोगों की सक्रिय भागीदारी ही इस आयोजन की असली ताकत है, जिसने दर्शन उत्सव 2026 को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम में अजय वर्मा महापौर (नगरनिगम),रघुनाथ सिंह चौहान पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष एवं विधायक,
कैलाश शर्मा पूर्व विधायक, गोविंद पिलख्वाल पूर्व दर्जा मंत्री,ललित लटवाल पूर्व अध्यक्ष कोआपरेटिव, रवि रौतेला पूर्व जिलाध्यक्ष, कुंदन लटवाल पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भाजयुमो , प्रदीप मेहता जिला पंचायत सदस्य, जगदीश नगरकोटी शिक्षा मंत्री प्रतिनिधि, श्वेता उपाध्याय, भूपेंद्र भोज जेष्ठ ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि, गौरव कांडपाल ग्राम प्रधान, दिनेश मठपाल जिला उपाध्यक्ष, लीलाधर काण्डपाल, रमेश चंद्र जोशी,कैलाश तिवारी,मदन मोहन कर्नाटक, ललित कर्नाटक, दिनेश जोशी,बीडी सती,लीलाधर शर्मा, बलवंत पिलखवाल, मोहन चंद्र कर्नाटक, बद्री प्रसाद कर्नाटक, अखिलेश थापा,किशन जडौत,हंसा दत्त कर्नाटक, नारायण दत्त तिवारी,विद्या कर्नाटक, सुनीता पालीवाल, नीरज सांगा, माला तिवारी,कविता पाण्डे,चन्द्रा प्रताप,कमल पालीवाल, रोहित शैली,राहुल कनवाल, ,हेम जोशी ,गौरव कांडपाल, अभिषेक तिवारी,प्रकाश मेहता,तनोज कर्नाटक आशु रौतेला सहित सैकड़ों की संख्या में आमजन उपस्थित रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कमेटी अध्यक्ष देवेंद्र कर्नाटक एवं संचालन दिव्या जोशी द्वारा किया गया। उक्त कार्यक्रम को सफल सफल बनाने एवं कलाकारों के साथ तालमेल स्थापित करने के लिए संस्कार ग्रुप के मुखिया प्रकाश बिष्ट को उनकी सांस्कृतिक उपलब्धियों पर सम्मानित किया गया।।