एसएसपी ने कहा जागरुकता और सतर्कता है साइबर क्राईम से बचाव
SSP अल्मोड़ा ने SSJ विश्व विद्यालय अल्मोड़ा में cyber crime awerness program में B.ed/M.ed प्रशिक्षणार्थियों को किया जागरूक
Almora-आज दिनांक 12 फरवरी 2026 को देवेन्द्र पींचा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा द्वारा सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा में बीएड/एमएड प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षणार्थियों के मध्य cyber crime awerness program का आयोजन किया गया।
सर्वप्रथम सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय एसएसजे विश्वविद्यालय के कुलपति सतपाल सिंह बिष्ट, शिक्षा संकाय विभागाध्यक्ष डा0 रिजवाना सिद्दीकी द्वारा एसएसपी अल्मोड़ा को स्मृति चिन्ह भेंट कर कार्यक्रम में उनका स्वागत किया गया।
एसएसपी द्वारा उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि वर्तमान परिदृश्य में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के दृष्टिगत साइबर अपराध सबसे बड़ी चुनौती के रूप में हम सब के सामने है,साइबर अपराधियों द्वारा आए दिन नए-नए तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है और लोग जागरूकता के अभाव में इनके लालच व झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई गवा रहे है। इससे बचाव के लिए जागरूक होने की जरूरत है। साइबर अपराधियों के द्वारा इंटरनेट मीडिया को साइबर क्राइम का एक सशक्त माध्यम बनाकर प्रयोग किया जा रहा है। कोई भी एप इंस्टाल करते समय कम से कम व्यक्तिगत जानकारी शेयर करें। हमें अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को सावधानी व सतर्कता के साथ प्रयोग करना चाहिए।
साईबर अपराध के प्रकार जैसे हैकिंग, फिशिंग आदि व साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी देते हुए बताया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर शीघ्र हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करें ताकि पैसा साइबर ठग के हाथों में जाने से रोका जा सके। साइबर अपराध से बचने के लिए समाज के सभी लोगों में सतर्कता व जागरूकता बहुत जरूरी है।
इसके पश्चात पीआरओ/प्रभारी एएनटीएफ राहुल राठी, चौकी प्रभारी एनटीडी दिनेश सिंह परिहार, अपर उप निरीक्षक चंद्रमोहन पांडे साइबर सेल द्वारा सोशल मीडिया, एटीएम क्लोनिंग, आधार कार्ड से होने वाले फ्राँड, विडियों काँलिंग से होने वाले साईबर अपराध, एआई टूल से होने वाले साईबर अपराध आदि के सम्बन्ध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई और प्रशिक्षार्थियों द्वारा पूछे गये प्रश्नो के जवाब देकर साइबर अपराध से बचाव के उपाय बताये गये ।
जागरुकता कार्यक्रम के दौरान पीएचडी स्कोलर, बीएड और एमएड प्रशिक्षु छात्र-छात्राएं मौजूद रहें।