Shakti Samachar Online

राम जन्मभूमि आंदोलन की प्रथम कार सेवा की 35वीं वर्षगांठ पर अल्मोड़ा में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित


राम ज्योति आंदोलन पर दिखाई गई लघु फिल्म, कार सेवकों के बलिदान को किया नमन

अल्मोड़ा, 31 अक्टूबर।
राम जन्मभूमि आंदोलन की प्रथम कार सेवा की 35वीं वर्षगांठ पर आज अल्मोड़ा में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राम जन्मभूमि आंदोलन में शहीद हुए ज्ञात और अज्ञात कार सेवकों को बाटा चौक और जौहरी बाजार में श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम के दौरान “राम ज्योति आंदोलन – अल्मोड़ा” विषय पर एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिसे उपस्थित जनसमूह ने भावनात्मक होकर देखा।

कार्यक्रम के संयोजक राजीव गुरुरानी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 30 अक्टूबर 1990 को संत-महात्माओं और धर्मगुरुओं की धर्म संसद में अयोध्या में प्रथम कार सेवा का निर्णय लिया गया था। उन्होंने बताया कि भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने सोमनाथ से अयोध्या तक स्वर्ण जयंती रथ यात्रा निकाली थी, जो 30 अक्टूबर को अयोध्या पहुँचने वाली थी। लेकिन 23 अक्टूबर को बिहार के समस्तीपुर में आडवाणी जी और उनके साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया था।

गुरुरानी ने बताया कि इसके बावजूद हज़ारों कार सेवक अयोध्या की ओर बढ़ निकले। उस समय मुलायम सिंह यादव सरकार ने अयोध्या को सील कर दिया था और कहा था कि “परिंदा भी पर नहीं मार सकता।” किंतु 30 अक्टूबर की सुबह हज़ारों कार सेवक, माननीय अशोक सिंघल और उमा भारती के नेतृत्व में अयोध्या पहुँचे और उन्होंने कार सेवा प्रारंभ कर दी। इस दौरान सरकार द्वारा गोली चलाने के आदेश दिए गए, जिसमें दर्जनों कार सेवक शहीद हो गए और सरयू नदी का जल रक्तरंजित हो गया। अनेक कार सेवक आज भी लापता माने जाते हैं।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक कमल जी ने भी कार सेवकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि “राम जन्मभूमि आंदोलन भारतीय समाज की आत्मा से जुड़ा हुआ आंदोलन था। यह केवल एक मंदिर निर्माण नहीं, बल्कि राष्ट्र चेतना के पुनर्जागरण का प्रतीक था। जिन कार सेवकों ने अपने प्राणों की आहुति दी, उनका बलिदान हमारी पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।”

कार्यक्रम के दौरान भाजपा जिला मीडिया प्रभारी मनीष जोशी ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि “राम जन्मभूमि आंदोलन भारत के नवजागरण की सबसे बड़ी प्रेरणा थी। अयोध्या में कार सेवकों का बलिदान व्यर्थ नहीं गया, उसी के परिणामस्वरूप आज भव्य राम मंदिर निर्माण का सपना साकार हुआ है।”

जोशी द्वारा निर्मित लघु फिल्म को उपस्थित जनसमूह ने अत्यंत सराहा और भावनात्मक तालियों से स्वागत किया।

इस अवसर पर महापौर अजय वर्मा, विभाग संगठन मंत्री विश्व हिंदू परिषद वेद प्रकाश, भारत, कमलेश, रोहन, बजरंग दल के पूर्व संयोजक महेंद्र रावत, हेमंत रावत, जितेंद्र बिष्ट, राजेंद्र मेहता, विजय तिवारी, दीपक वर्मा, मनोज नैनवाल, संजय साह, रणजीत भंडारी, पुष्कर नेगी, ईश्वर उपाध्याय, कृष्णा तिलारा, अनिल वर्मा, पंकज वर्मा, हर्षवर्धन शाह, सुरेश शर्मा सहित दर्जनों नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन भावनात्मक वातावरण में हुआ और अंत में शहीद कार सेवकों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें नमन किया गया।

error: Content is protected !!