शिशु मृत्यु दर एवं मातृ मृत्यु दर को न्यूनतम स्तर पर लाने हेतु विशेष प्रयास करने के दिए निर्देश
अल्मोड़ा,जिलाधिकारी अंशुल सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में रेफरल मॉनिटरिंग समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में 1 जनवरी से 14 फरवरी 2026 तक जनपद के विभिन्न चिकित्सालयों से रेफर किए गए मरीजों के प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त अवधि में जनपद के अस्पतालों में ओपीडी तथा आईपीडी सहित कुल 45,059 मरीज पंजीकृत हुए, जिनमें से रेफरल दर मात्र 0.65 प्रतिशत रही। जिलाधिकारी ने इस पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर उपचार व्यवस्था सुनिश्चित करने से अनावश्यक रेफरल में कमी आई है, जिसे आगे भी बनाए रखा जाए। उन्होंने इस दर को और न्यून करने पर जोर दिया।
जिलाधिकारी ने शिशु मृत्यु दर एवं मातृ मृत्यु दर को न्यूनतम स्तर पर लाने हेतु विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा ऐसे मामलों में समयबद्ध उपचार और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित रेफरल सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के ढांचे को और सुदृढ़ करने, चिकित्सालयों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा 108 एम्बुलेंस सेवा के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही बाल विकास विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए गर्भवती महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ प्रवीण कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी पीताम्बर प्रसाद सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।