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लोक चेतना विकास समिति, अल्मोड़ा के सहयोग से 10 दिवसीय ऊनयुक्त जूट प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

राष्ट्रीय जूट बोर्ड, वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित

अल्मोड़ा, 23 अक्टूबर 2025 — राष्ट्रीय जूट बोर्ड (एन.जे.बी.), वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार, कोलकाता द्वारा लोक चेतना विकास समिति, अल्मोड़ा के सहयोग से 10 दिवसीय ऊनयुक्त जूट (Woollenized Jute) प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ पंचाचूली वूलन्स वर्क्स, छतई, अल्मोड़ा में किया गया।

यह अभिनव प्रशिक्षण कार्यक्रम जूट और ऊन के मिश्रण से उत्पाद निर्माण की लागत को कम करने की नई तकनीक पर आधारित है। इसके माध्यम से ट्वीड़, कालीन, शॉल और स्टॉल जैसे ऊनी उत्पाद कम लागत में तैयार किए जा सकेंगे, जिससे ये आम उपभोक्ताओं के लिए अधिक सुलभ होंगे।

कार्यक्रम का उद्घाटन श्री देवदूत मुखर्जी, उपनिदेशक (एम.पी. एवं एस.आई.), श्रीमती मौसमी पांडे, सहायक निदेशक (एम.पी. एवं एस.आई.), राष्ट्रीय जूट बोर्ड, कोलकाता, तथा डॉ. कुमुद चौहान, अध्यक्ष, लोक चेतना विकास समिति, अल्मोड़ा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

इस 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री अमल चंद्र डेका प्रतिभागियों को ऊनयुक्त जूट प्रक्रिया की तकनीकी जानकारी और व्यवहारिक प्रदर्शन प्रदान कर रहे हैं। इस प्रशिक्षण में अल्मोड़ा की 20 महिला बुनकर कारीगर भाग ले रही हैं, जिन्हें नवीन जूट-ऊन मिश्रण तकनीक से वस्त्र निर्माण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

कार्यक्रम के सफल संचालन में पंचाचूली वूलन्स, अल्मोड़ा तकनीकी सहयोग प्रदान कर रहा है।

राजेन्द्र सिंह बिष्ट, सचिव, लोक चेतना विकास समिति, अल्मोड़ा ने बताया कि इस प्रशिक्षण के सफल समापन के बाद यह अपेक्षित है कि स्थानीय बुनकर एवं उद्यमी इस नवाचार को अपनाकर ऊनी उत्पादों की निर्माण लागत को कम करेंगे, जिससे ये उत्पाद आम जनता की पहुँच में आएंगे और “वोकल फॉर लोकल” के लक्ष्य को भी बल मिलेगा।

साथ ही, इससे हिमालयी क्षेत्र की महिला कारीगरों को आत्मनिर्भरता और सतत आजीविका के नए अवसर प्राप्त होंगे।

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