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स्वर्गीय दीवान कनवाल की स्मृति में आयोजित होगी माँ नंदा देवी गायन प्रतियोगिता

अल्मोड़ा- माँ नंदा देवी मेला 2026 के तहत आयोजित होने वाली गायन प्रतियोगिता को इस वर्ष अल्मोड़ा के वरिष्ठ रंगकर्मी एवं महान सांस्कृतिक व्यक्तित्व स्वर्गीय दीवान कनवाल की स्मृति को समर्पित किया जा रहा है।माँ नंदा देवी मंदिर समिति द्वारा अब यह प्रतियोगिता स्वर्गीय दीवान कनवाल गायन प्रतियोगिता के नाम से आयोजित की जाएगी। समिति ने इसे प्रत्येक वर्ष उनकी स्मृति में आयोजित करने का निर्णय लिया है।
माँ नंदा देवी प्रांगण में 23 अगस्त को आयोजित ऑडिशन में चयनित प्रतिभागियों का विशेष प्रशिक्षण 5 सितंबर से माँ नंदा देवी गीता भवन के हॉल में शुरू हो चुका है।उभरती प्रतिभाओं को लगभग दस दिनों का विशेष प्रशिक्षण देकर मंच पर बेहतर प्रस्तुति और प्रतियोगिता के लिए तैयार किया जा रहा है।
स्वर्गीय दीवान कनवाल का अल्मोड़ा की सांस्कृतिक पहचान को देश-विदेश में पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। विशेष रूप से नंदा देवी मेले से उनका गहरा जुड़ाव रहा। ऐसे में उनकी स्मृति में गायन प्रतियोगिता आयोजित करने का निर्णय उनके सांस्कृतिक योगदान के प्रति श्रद्धांजलि के साथ ही नई पीढ़ी को उनकी विरासत से जोड़ने की पहल माना जा रहा है।चयनित प्रतिभागियों को अपनी गायन प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए 16 सितंबर को शाम 7 बजे एडम्स मैदान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 21 सितंबर को दोपहर 12 बजे माँ नंदा देवी मंदिर प्रांगण में प्रतियोगिता का फाइनल आयोजित होगा।मुख्य संयोजक तारा चन्द्र जोशी ने कहा कि सभी चयनित प्रतिभागी नगर के उभरते हुए गायक हैं। मंदिर समिति का हमेशा प्रयास रहा है कि नगर की प्रतिभाओं को उचित मंच और अवसर मिले, ताकि वे अपनी प्रतिभा को निखारकर आगे बढ़ सकें। स्वर्गीय दीवान कनवाल की स्मृति में प्रतियोगिता आयोजित करना उनके सांस्कृतिक योगदान के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
मुख्य सांस्कृतिक संयोजक अर्जुन सिंह बिष्ट ‘चीमा’ ने कहा कि चयनित प्रतिभागियों को विशेष प्रशिक्षण देकर मंचन एवं प्रतियोगिता के लिए तैयार किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि ये सभी नगर के उभरते सितारे हैं।यह गायन प्रतियोगिता कई वर्षों से आयोजित होती आ रही है और इस मंच से अपनी शुरुआत करने वाले कई गायकों ने आगे चलकर अल्मोड़ा का नाम रोशन किया है।उन्होंने कहा कि स्वर्गीय दीवान कनवाल अल्मोड़ा की सांस्कृतिक पहचान के महत्वपूर्ण स्तंभ रहे हैं। उनकी स्मृति में प्रतियोगिता को समर्पित करना नई पीढ़ी को उनके सांस्कृतिक योगदान से जोड़ने की दिशा में सार्थक पहल है।गायन प्रशिक्षण के दौरान मुख्य संयोजक तारा चन्द्र जोशी,मुख्य सांस्कृतिक संयोजक अर्जुन सिंह बिष्ट ‘चीमा’,संगीत निर्देशक दीपक रावत,अरशद अंसारी,पंकज कुमार,रोशन बनौला,साहिल कुमार,विशाल बोरा सहित प्रशिक्षण ले रहे प्रतिभागी एवं उनके अभिभावक उपस्थित रहे।

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