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जनपद स्तरीय निबंध प्रतियोगिता में अल्मोड़ा में 126 स्कूलों के 2520 बच्चों ने किया प्रतिभाग 438 बच्चों को दिए गए प्रमाण पत्र व पुरस्कार

अल्मोड़ा। अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर भारत ज्ञान विज्ञान समिति तथा बालप्रहरी/बालसाहित्य संस्थान अल्मोड़ा द्वारा राजा आनंदसिंह राजकीय बालिका इंटर कालेज अल्मोड़ा में आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए भारत ज्ञान विज्ञान समिति के प्रांतीय उपाध्यक्ष प्रमोद तिवारी ने कहा कि शिक्षा एक ऐसा हथियार है जो समाज के विकास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। उन्होंने कहा कि जनपद अल्मोड़ा में साक्षरता अभियान के तहत चले समग्र साक्षरता अभियान तथा उत्तर साक्षरता अभियान में भारत ज्ञान विज्ञान समिति का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। भारत ज्ञान विज्ञान समिति ने जत्थों के माध्यम से समूचे अल्मोड़ा तथा बागेश्वर जनपद में साक्षरता के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया। उन्होंने वर्तमान में सरकारी विद्यालयों के बंद होने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों में समस्त सुविधाएं बच्चों के लिए हैं। उसके बावजूद अभिभावक पब्लिक स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ा रहे हैं। इस पर चिंतन मनन करने की जरूरत है।
यू कास्ट देहरादून के विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. नवीन जोशी ने मानस खंड अल्मोड़ा की गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान में साक्षरता का तात्पर्य केवल अक्षर ज्ञान या हस्ताक्षर करना सीखना नहीं। अपितु हमें पढ़ाई के साथ तर्क-वितर्क करते हुए हर मामले में क्या-क्यों तथा कैसे जैसे सवाल करने के लिए बच्चों को तैयार करना होगा। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी श्री चंदनसिंह बिष्ट ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कई शिक्षक बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं। कई विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ रही है। इसके लिए प्रवेशोत्सव आदि कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। भारत ज्ञान विज्ञान समिति द्वारा आयोजित निबंध प्रतियोगिता के बच्चों को पुरस्कार देते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों को अभिव्यक्ति का अवसर दिए जाने की दिशा में बालप्रहरी तथा भारत ज्ञान विज्ञान समिति महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान अल्मोड़ा के पूर्व प्रचार्य गोपालसिंह गैड़ा ने कहा कि शिक्षक साथियों को शिक्षण कार्य को एक नौकरी की तरह नहीं अपितु एक मिशन की तरह किए जाने की जरूरत है। समारोह का संचालन पूर्व प्रधानाचार्य नीरज पंत ने किया। जीजीआईसी की प्रधानाचार्या विजया पंत की अध्यक्षता में संपन्न संगोष्ठी में राजकीय बालिका इंटर कालेज सारकोट की प्रधानाचार्या नाजा ताजिया, अशोक पंत, क्रांति जोशी आदि ने भी अपने विचार रखे।
इस अवसर पर मैसर्स रतन गोपाल डेयरी अल्मोड़ा के सहयोग से आयोजित रतनसिंह सांगा एवं पनुलीदेवी सांगा स्मृति जनपद स्तरीय निबंध प्रतियोगिता में ‘मेरे प्रिय दादा’ विषय पर आयोजित प्राथमिक वर्ग की निबंध प्रतियोगिता में हितिक जोशी, अनुज,,प्रभास देवतला को क्रमशः प्रथम,द्वितीय तथा तृतीय पुरस्कार दिया गया। ‘जब स्कूल में अचानक छुट्टी हो जाती है’ विषय पर आयोजित जूनियर वर्ग की निबंध प्रतियोगिता में कौशल पिलख्वाल को प्रथम, खुशी को द्वितीय तथा सृष्टि रावत को तृतीय पुरस्कार दिया गया। ‘गांव के विकास में बच्चों का योगदान’ विषय पर आयोजित सीनियर वर्ग की निबंध प्रतियोगिता में तृप्ति अधिकारी, प्रखर रावत तथा प्रियांशी को क्रमशः प्रथम,द्वितीय तथा तृतीय पुरस्कार दिया गया। यामिनी मेहता, नितिन, रोहित बिष्ट, वासु फर्त्याल, विद्या गुसाई तथा ममता बिष्ट को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के पूर्व प्राचार्य गोपालसिंह गैड़ा , राजकीय इंटर कालेज सत्यों के विनोद राठौर, डॉ दीपा गुप्ता (एडम्स गर्ल्स इंटर कालेज), डॉ.सतीश भट्ट (रा.इ.का. बिरौड़ा) , संग्रामसिंह रावत(रा.इ.का.सुनोली) , डॉ. चंद्रकला वर्मा(रा.इ.का.बसर) , दिनेशचंद्र पांडे(रा.इ.का.चौरा हवालबाग) वरिष्ठ पत्रकार चंदनसिंह नेगी, भारत ज्ञान विज्ञान समिति के कोषाध्यक्ष अशोक पंत ने प्राथमिक,जूनियर तथा सीनियर वर्ग की निबंध प्रतियोगिता के मूल्यांकन में सहयोग किया।
निबंध प्रतियोगिता में सहभागिता के लिए सभी स्कूलों तथा अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए बालप्रहरी के संपादक तथा बालसाहित्य संस्थान के सचिव उदय किरौला ने बताया कि इस प्रतियोगिता को संपन्न कराने में लगभग डेढ़ माह का समय लगा। उन्होंने बताया कि अल्मोड़ा जनपद के 126 स्कूलों के 2520 बच्चों ने प्रतियोगिता में भाग लिया। जनपद स्तर पर चयनित 15 बच्चों को मैसर्स रतन गोपाल डेयरी अल्मोड़ा के सौजन्य से प्रतीक चिह्न,प्रमाण पत्र तथा बालसाहित्य भेंट किया गया। संस्था स्तर के बच्चों को श्याम पलट पांडेय, डॉ. इंदु गुप्ता, डॉ. उदय नारायण ‘उदय’, हरीश संेठी ‘झिलमिल’, अनिल कुमार निलय, पारस चंद जैन, लाल देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव आदि बालसाहित्यकारों के सहयोग से बालसाहित्य भेंट किया गया।
इस अवसर पर जया पंत, हरीश चंद्र देवतला, पूनम रावत, गोपाल सिंह सांगा, गुंजन बिष्ट, अनीता मेहता, मंजू देवी आदि उपस्थित थे। प्रारंभ में पुरस्कार पाने वाले 15 बच्चों को अतिथियों द्वारा बैज पहनाकर मंच पर बैठाया गया।

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