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विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार को जनकल्याण से जोड़ने पर जोर

अल्मोड़ा, 7 सितंबर। मानसखण्ड विज्ञान केंद्र (MKSC), अल्मोड़ा में सोमवार को “Science, Technology, Innovation Policy Dialogue” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी विकास, नवाचार तथा विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार (STI) नीति को समाज एवं जनकल्याण से जोड़ने पर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, नवाचारियों, शिक्षकों एवं विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।
मुख्य अतिथि ने विज्ञान को विकास और जनसमस्याओं के समाधान का माध्यम बताया
कार्यक्रम में अजय टम्टा, राज्य मंत्री, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार मुख्य अतिथि रहे। अजय वर्मा, मेयर अल्मोड़ा अति विशिष्ट अतिथि तथा प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट, कुलपति, एसएसजे विश्वविद्यालय अल्मोड़ा, विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कैलाश शर्मा, पूर्व विधायक अल्मोड़ा, एवं सीडीओ अल्मोड़ा रामजी शरण शर्मा अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए।
डॉ. नवीन चंद्र जोशी, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी एवं प्रभारी, मानसखण्ड विज्ञान केंद्र ने मुख्य अतिथि, अति विशिष्ट अतिथि, समस्त अतिथियों तथा आगंतुकों का केंद्र की और से स्वागत किया। उन्होंने कार्यक्रम के उद्देश्य की जानकारी देते हुए STI Policy के विभिन्न पहलुओं पर भी प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि अजय टम्टा ने कहा कि पृथ्वी के विकास के साथ विज्ञान का भी निरंतर विकास हुआ है और इसके साथ कृषि के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तकनीकों के प्रयोग से देश में कनेक्टिविटी बढ़ी है। विज्ञान निरंतर प्रगति कर रहा है और मानव जीवन के सामने आने वाली विभिन्न चुनौतियों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में नए वैज्ञानिक संगठनों का विकास किया जाएगा। उन्होंने अल्मोड़ा के नवाचारी रवि टम्टा द्वारा चीड़ की पत्तियों से उत्पाद तैयार करने, बांस आधारित नवाचार तथा विमानन क्षेत्र में किए जा रहे नए आविष्कारों की सराहना की। उन्होंने कार्यक्रम में सम्मानित सभी पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को बधाई दी।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि अजय टम्टा ने मानसखण्ड विज्ञान केंद्र, अल्मोड़ा की नई कैंटीन का उद्घाटन भी किया।
मेयर अजय वर्मा, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, डॉ. जे.एस. रावत तथा प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने भी उपस्थित लोगों को संबोधित किया और विज्ञान एवं नवाचार को समाज के विकास से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। यूकोस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत सभा को ऑनलाइन सम्बोधित किया । उन्होंने बताया कि यूकोस्ट द्वारा देहरादून में प्रदेश की पांचवीं साइंस सिटी का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने यूकोस्ट द्वारा छात्रों के लिए आयोजित की जाने वाली आयोजित सीमांत बाल विज्ञान कांग्रेस एवं साइंस प्रीमियर लीग जैसी वैज्ञानिक गतिविधियों की जानकारी दी तथा सभी पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में विज्ञान एवं शिक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए तीन शिक्षकों को “विज्ञान पुरोधा पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। इनमें उमेश चंद्र पांडे, प्रधानाचार्य, राजकीय इंटर कॉलेज स्यालीधार, डॉ. कपिल नैयाल, प्रधानाचार्य, राजकीय इंटर कॉलेज हवालबाग तथा दिनेश चंद्र, प्रभारी प्रधानाचार्य, राजकीय इंटर कॉलेज मजखाली शामिल रहे।
वहीं विज्ञान के क्षेत्र में दीर्घकालीन एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए “विज्ञान शिरोमणि लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड” से प्रो. गणेश चंद्र जोशी, पूर्व प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, वनस्पति विज्ञान विभाग, एसएसजे विश्वविद्यालय अल्मोड़ा को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन के डॉ. प्रियंका अधिकारी, सह प्रभारी, मानसखण्ड विज्ञान केंद्र ने किया । अंत में डॉ. नवीन चंद्र जोशी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी अतिथियों, पैनलिस्टों, प्रतिभागियों एवं मानस्कखंड विज्ञान केंद्र के समस्त कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया तथा सभी पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर प्रो. वी.पी. पांडे सहित विभिन्न महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के शिक्षाविद एवं शिक्षक भी उपस्थित रहे।

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