हल्द्वानी प्रकरण को लेकर कांग्रेस की राजनीति के खिलाफ भाजपा का सामाजिक सौहार्द संकल्प धरना
अल्मोड़ा, 7 सितंबर। हल्द्वानी में कांग्रेस की सभा के बाद हुए कथित शुद्धिकरण के मामले को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के विरोध में भारतीय जनता पार्टी अल्मोड़ा ने सोमवार को चौघानपाटा में “सामाजिक सौहार्द संकल्प धरना-प्रदर्शन” आयोजित किया। धरने में भाजपा पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पर मामले को राजनीतिक रंग देकर प्रदेश में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने का आरोप लगाया।
धरने की अध्यक्षता भाजपा अनुसूचित मोर्चा के जिलाध्यक्ष त्रिलोक राम ने की। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल ने कहा कि कांग्रेस पूरे प्रदेश का माहौल खराब एव सामाजिक सौहार्द खराब करने का काम कर रही है भारतीय जनता पार्टी इसे कतई स्वीकार नहीं करेगी।पूर्व राज्य मंत्री दिनेश आर्या ने मुख्य वक्ता के रूप में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। सांसद अजय टम्टा ने भी धरना-प्रदर्शन में पहुंचकर अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
इस अवसर पर मेयर अजय वर्मा, दर्जा धारी गंगा बिष्ट, दर्जा राज्य मंत्री गोविंद पिलख्वाल एवं कुंदन लटवाल, पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह चौहान एवं कैलाश शर्मा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रवि रौतेला एवं बिट्टू कर्नाटक, ब्लॉक प्रमुख नीमा आर्या, त्रिलोक रावत,ललित लटवाल , नगर अध्यक्ष विनीत बिष्ट ,सुरेश परदेसी, प्रमोद पवार (भीमा) तथा कुमाऊं संयोजक वीरेंद्र आर्या, सहित अनेक भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ता दिनेश आर्य ने कहा कि हल्द्वानी की घटना को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस जिस प्रकार दलित सम्मान और अस्पृश्यता का मुद्दा उठा रही है, वह पूरी तरह राजनीतिक अवसरवाद है। कांग्रेस को पहले अपने इतिहास और अपने नेताओं के साथ किए गए व्यवहार का हिसाब देना चाहिए। दलित सम्मान किसी राजनीतिक दल की जागीर नहीं, बल्कि संविधान द्वारा प्रत्येक नागरिक को दिया गया अधिकार है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को दूसरों को दलित सम्मान का पाठ पढ़ाने से पहले अपने भीतर झांकना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद कांग्रेस भवन में उनकी तस्वीर को कथित रूप से जमीन पर पटककर बाहर फेंकने की घटना कांग्रेस की मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि किसी नेता के पार्टी छोड़ने के बाद उसका सम्मान समाप्त हो जाता है तो राहुल गांधी की ‘मोहब्बत की दुकान’ की वास्तविकता जनता स्वयं समझ सकती है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का स्पष्ट सिद्धांत है—संविधान सर्वोपरि, कानून सबके लिए समान और न्याय में किसी प्रकार का राजनीतिक भेदभाव नहीं।
केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद अजय टम्टा ने कहा कि कांग्रेस को दलित सम्मान की राजनीति करने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। राहुल गांधी आज हल्द्वानी की घटना को लेकर अस्पृश्यता और दलित सम्मान की बातें कर रहे हैं, लेकिन देश की जनता यह जानना चाहती है कि कांग्रेस का दलित प्रेम आखिर चुनाव और वोट बैंक से आगे कब बढ़ेगा?
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक दलित समाज को केवल राजनीतिक सीढ़ी की तरह इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह समझ लेना चाहिए कि उत्तराखंड की जनता भावनात्मक राजनीति और वोट बैंक के लिए सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश को स्वीकार नहीं करेगी।
भाजपा जिलाध्यक्ष त्रिलोक राम ने कहा कि कांग्रेस का दलित प्रेम केवल राजनीतिक जरूरत के समय दिखाई देता है। राहुल गांधी आज दलित सम्मान और छुआछूत की बात कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह भी बताना चाहिए कि कांग्रेस के शासनकाल में दलित समाज से जुड़े गंभीर मामलों पर उनकी सरकारों ने क्या कार्रवाई की।
त्रिलोक राम ने हरियाणा के मिर्चपुर कांड का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस सरकार के शासन में दलित बस्ती में हिंसा और आगजनी हुई तथा 70 वर्षीय ताराचंद और उनकी दिव्यांग बेटी सुनी की मौत हुई। राहुल गांधी को पहले कांग्रेस शासन के दौरान हुई ऐसी घटनाओं की जवाबदेही पर सवालों का जवाब देना चाहिए।
भाजपा कुमाऊं संयोजक वीरेंद्र आर्या ने कहा कि कांग्रेस हल्द्वानी की घटना को लेकर राजनीतिक वातावरण बनाने का प्रयास कर रही है, जबकि भाजपा का स्पष्ट मत है कि किसी भी नागरिक के साथ भेदभाव या अन्याय स्वीकार नहीं किया जा सकता। कानून सबके लिए समान है और किसी भी शिकायत की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को दलित सम्मान की बात करने से पहले कांग्रेस के अपने नेताओं के साथ हुए व्यवहार का जवाब देना चाहिए। वीरेंद्र आर्या ने कहा कि दलित समाज को राजनीतिक नारों और वोट बैंक की राजनीति की नहीं, बल्कि सम्मान, अधिकार, अवसर और न्याय की आवश्यकता है।
ब्लॉक प्रमुख नीमा आर्या ने कहा कि दलित सम्मान किसी राजनीतिक दल का चुनावी हथियार नहीं है। यह हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि दलित समाज अब केवल राजनीतिक नारों से प्रभावित होने वाला नहीं है, बल्कि वह अपने अधिकारों और सम्मान को लेकर पूरी तरह जागरूक है।
नीमा आर्या ने कहा कि भाजपा सरकार महिलाओं, दलितों, वंचितों और समाज के प्रत्येक वर्ग के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रमोद पवार ने कहा कि कांग्रेस आज हल्द्वानी की घटना को लेकर जिस प्रकार राजनीति कर रही है, उससे उसकी वास्तविक चिंता पर सवाल खड़े होते हैं। यदि कांग्रेस वास्तव में दलित सम्मान को लेकर गंभीर है तो उसे अपने शासनकाल और अपने नेताओं से जुड़े मामलों पर भी जनता के सामने जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि दलित सम्मान का अर्थ केवल चुनाव के समय दलित समाज का नाम लेना नहीं है। सम्मान का अर्थ है समान अधिकार, समान अवसर और कानून के सामने समानता। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी हो या उत्तराखंड का कोई भी क्षेत्र, भाजपा सरकार का संकल्प स्पष्ट है—कानून का राज कायम रहे, सामाजिक सौहार्द बना रहे और प्रत्येक नागरिक को न्याय मिले।
धरने में उपस्थित भाजपा कार्यकर्ताओं ने सामाजिक सौहार्द बनाए रखने तथा जाति और धर्म के नाम पर समाज को बांटने वाली राजनीति का विरोध करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का संचालन भाजपा के जिला महामंत्री दर्शन रावत एवं प्रकाश भट्ट ने संयुक्त रूप से किया। धरना-प्रदर्शन में मंडल अध्यक्ष नवीन बिष्ट, संजय बिष्ट , प्रेम लटवाल, संदीप श्रीवास्तव, मनोज जोशी, रमेश धपोला, सभासद कैलाश गुरुरानी,जगमोहन बिष्ट, बीना नयाल, जिला अध्यक्ष पूनम पालीवाल, राजा अली, धर्मेंद्र बिष्ट,मदन बिष्ट, हरीश कनवाल,प्रमोद पवार, प्रदीप नगरकोटी, डालाकोटी , राजीव गुरुरानी, अर्जुन चीमा, गणेश जलाल, कमल बिष्ट, नमन गुरुरानी, आनंद कनवाल, बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।