बच्चे क्यों क्या कैसे तर्क करना सीखेंगे तो वैज्ञानिक दृष्टिकोण जाग्रत होगा-आरती किरौला
बालप्रहरी की एक दिवसीय कार्यशाला
बग्वालीपोखर (अल्मोड़ा)। बालप्रहरी तथा भारत ज्ञान विज्ञान समिति अल्मोड़ा द्वारा राजकीय बालिका इंटर कालेज बग्वालीपोखर में आयोजित एक दिवसीय बाल मेले को संबोधित करते हुए द्वाराहाट विकास खंड की ब्लाक प्रमुख डां. आरती किरौला ने बच्चों को स्वास्थ्य के विभिन्न पक्षों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विज्ञान के आज के युग में भी हमारे गांवों में भूत पूजा प्रचलन में है। इसके लिए जरूरी है कि बच्चों को बचपन से ही क्या क्यों तथा कैसे आदि तर्क-वितर्क करने के लिए तैयार किया जाए। इससे बच्चों के मन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण जाग्रत होगा। बालिका शिक्षा पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने बालिकाओं से कहा कि हमें अपने लक्ष्य निर्धारित करते हुए लक्ष्य प्राप्ति के लिए चरणबद्ध रुप रेखा तैयार करनी होगी। उन्होंने कहा कि आज के दौर में महिलाओं का आत्मनिर्भर होना जरूरी है। इसके लिए शिक्षा को हमें एक टूल के तौर पर इस्तेमाल करना होगा।
बाल मेले में बच्चों की विभिन्न गतिविधियां कराई गई। इस अवसर पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट रही पूजा कांडपाल, मानसी भंडारी, प्रियांशी बिष्ट, निकिता मेहता, कविता बिष्ट, कोमल भंडारी, प्रिया भंडारी, जिया, राशिका, जाह्नवी, अलशीफा तथा सोनिया आदि को पुरस्कार में बालसाहित्य भेंट किया गया। दीपा कपटोला, ज्योति सुंदरियाल, रिंजिम डोलमा, रेनू चम्याल, लक्ष्मी, सरिता पुरोहित, दिव्या मठपाल आदि ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के मूल्यांकन में सहयोग किया।
बालप्रहरी संपादक तथा बालसाहित्य संस्थान अल्मोड़ा के सचिव उदय किरौला ने बच्चों को, कहानी के माध्यम से गुटखा के नुकसान, नशा प्रवृत्ति, सूर्य ग्रहण की अवधारणा तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित विभिन्न पक्षों से जोड़ा। उन्होंने अखबार के माध्यम से बच्चों को औरेगैमी के प्रयोग भी कराए।
इस अवसर पर पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य नवीनसिंह कठायत, हेमलता पांडेय,बबीता, डॉ आशा खाती, सरिता पुरोहित, रेनू चम्याल, पूजा कुकरेती, प्रियंका, आदि उपस्थित थे। अंत में प्रधानाचार्य टीना पांगती ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए अतिथियों को प्रतीक चिन्ह भेंट किए। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन डा. आशा खाती ने किया। मुख्य अतिथि डाॅ आरती किरौला के हाथों बच्चों को पुरस्कार में बालसाहित्य उपहार में दिया गया।