कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने विकास योजनाओं की समीक्षा कर दिए प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश
अल्मोड़ा, कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने शुक्रवार को विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण , राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) तथा ग्रामोत्थान (रीप) योजना की समीक्षा बैठक कर विभिन्न योजनाओं की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने सभी योजनाओं के प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष बल देते हुए अधिकारियों को जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के अंतर्गत प्राप्त विभिन्न विकासात्मक प्रस्तावों पर विचार-विमर्श करते हुए आयुक्त ने कई प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने प्राधिकरण में कार्यरत कार्मिकों की समस्याओं एवं कार्यों की भी समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। आयुक्त ने कहा कि विकास कार्य नियमानुसार एवं गुणवत्ता के साथ संपादित किए जाएं। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि भवन निर्माण सहित अन्य निर्माण कार्य प्राधिकरण के निर्धारित मानकों एवं नियमों के अनुरूप ही करें, जिससे सुव्यवस्थित एवं नियोजित विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने व्यावसायिक भवनों और ग्रुप हाउसिंग को अनिवार्य रूप से प्राधिकरण के मानकों के तहत लाने के लिए निर्देश दिए।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने कहा कि अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार एवं आजीविका आधारित गतिविधियों से जोड़ा जाए। उन्होंने मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पूरी पारदर्शिता एवं प्रभावशीलता के साथ पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की प्रगति से अवगत कराते हुए बताया कि जनपद के 1,042 गांवों में स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है। अब तक 6,921 स्वयं सहायता समूह गठित किए गए हैं तथा 28,500 लखपति दीदियों का लक्ष्य प्राप्त किया जा चुका है, जो महिला सशक्तिकरण एवं ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
ग्रामोत्थान योजना की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यमों को बढ़ावा दिया जाए तथा अधिकाधिक लोगों को आजीविका के स्थायी साधनों से जोड़ा जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए, जिससे ग्रामीणों की आय में वृद्धि हो और सशक्त गांवों की परिकल्पना साकार हो सके।
बैठक में जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोड़के, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भी योजनाओं की प्रगति एवं भविष्य की कार्ययोजना से आयुक्त को अवगत कराया। आयुक्त ने सभी विभागों से आपसी समन्वय के साथ योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।