‘बैठकी’ में ‘पितामह : एक डॉक्टर की कहानी’ पर हुई प्रेरक एवं सार्थक चर्चा, ‘चट्टान पर औरत’ का भी हुआ लोकार्पण
अल्मोड़ा, 30 जून। साहित्य-अदब ट्रस्ट, अल्मोड़ा द्वारा सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान, अल्मोड़ा के तत्वावधान में आयोजित ‘बैठकी – एक प्रेरणादायी आयोजन’ में लेखिका डॉ. दीपा गुप्ता की पुस्तक ‘पितामह : एक डॉक्टर की कहानी’ पर गंभीर, प्रेरक एवं विचारोत्तेजक चर्चा हुई। कार्यक्रम में साहित्य, चिकित्सा और समाज के विविध क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. यू. सी. सक्सेना ने अपने जीवन के अनुभवों, चिकित्सा सेवा के मूल्यों तथा मानवीय संवेदनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक चिकित्सक का जीवन केवल उपचार तक सीमित नहीं होता, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व और सेवा की भावना भी उसका अभिन्न हिस्सा है।
विशिष्ट अतिथि डॉ. जे. सी. दुग्गापाल, प्रो. आराधना शुक्ला, कर्नल रवि पांडे तथा कवयित्री विनीता जोशी ने पुस्तक पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘पितामह : एक डॉक्टर की कहानी’ केवल एक व्यक्ति की जीवनी नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण, संघर्ष और मानवीय मूल्यों का जीवंत दस्तावेज़ है। वक्ताओं ने लेखिका डॉ. दीपा गुप्ता के लेखन की संवेदनशीलता एवं शोधपूर्ण दृष्टि की सराहना की।

इस अवसर पर वरिष्ठ कवयित्री विनीता जोशी के नवीन काव्य-संग्रह ‘चट्टान पर औरत’ का लोकार्पण भी किया गया। अतिथियों ने पुस्तक का विमोचन करते हुए लेखिका को शुभकामनाएँ दीं तथा इसे समकालीन हिंदी कविता की सशक्त अभिव्यक्ति बताया।
कार्यक्रम का सफल संयोजन डॉ. दीपा गुप्ता, अध्यक्ष, साहित्य-अदब ट्रस्ट, अल्मोड़ा ने किया। उन्होंने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे साहित्यिक संवाद समाज में सकारात्मक चिंतन को बढ़ावा देते हैं और साहित्य तथा जीवन के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करते हैं।
कार्यक्रम में सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान, अल्मोड़ा के डीन डॉ. भैंसोड़ा,फेक्लटीज, वसुधा पंत,डॉ. कपिल नयाल,डॉ.नीरज बिष्ट नटराज,शगुफ्ता अंसारी, भूषण पांडेय, दीपक जोशी, सहित चिकित्सा, शिक्षा, साहित्य एवं सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। बड़ी संख्या में चिकित्सकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, साहित्यकारों एवं साहित्य-प्रेमियों ने कार्यक्रम में सहभागिता कर चर्चा को समृद्ध बनाया।
अंत में सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायी साहित्यिक आयोजनों को निरंतर आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया।