राजकीय महाविद्यालय भिकियासैंण में ‘ओण दिवस’ पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित
भिकियासैंण। दिनांक 01 अप्रैल 2026 को राजकीय महाविद्यालय भिकियासैंण में ‘ओण दिवस’ के अवसर पर एक जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उच्च शिक्षा निदेशालय, उत्तराखण्ड एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, अल्मोड़ा के निर्देशों के अनुपालन में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य डॉ॰ राजीव कुमार ने की। संचालन डॉ॰ सुभाष चंद्र आर्य द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ॰ साबिर अहमद सहित अन्य प्राध्यापकों ने अपने विचार व्यक्त किए।
वक्ताओं ने बताया कि जंगलों की आग पिछले दो दशकों में वनों के लिए एक गंभीर खतरे के रूप में उभरी है। इससे न केवल मिश्रित जंगलों का स्वरूप बदलकर चीड़ के जंगलों में परिवर्तित हो रहा है, बल्कि जैव-विविधता और बायोमास को भी भारी क्षति पहुंच रही है। शीतकालीन वर्षा और बर्फबारी में कमी के कारण अब जाड़ों में भी जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ रही हैं।
‘ओण’ के विषय में जानकारी देते हुए बताया गया कि यह वर्षा ऋतु में खेतों के किनारों पर उगी सूखी झाड़ियों और खरपतवारों का ढेर होता है, जिसे किसान फसलों की बुवाई से पूर्व जलाते हैं। वर्तमान में नमी की कमी के कारण यह आग जंगलों तक पहुंच रही है।
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। छात्रा रंजना आर्य सहित कई विद्यार्थियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं द्वारा एक जनजागरूकता रैली निकाली गई, जिसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में ओण जलाने से होने वाले खतरों के प्रति जागरूक किया गया।