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उत्तराखंड के मित्रों के नाम चिट्ठी

               शुभ स्थान - अल्माड़
              चैत्र 5 पैट, वृहस्पतिवार
              19 मार्च, 2026

सिद्धीश्री सर्वोपमा योग्यवर-6
आमा-बुबू, ठुल ईजा-ठुल बौज्यू, कका-काकी,ममा-मामी और सबै ठुला कैं म्येरि पैला और ननां कैं प्यार आशीष।
उत्तराखंड में गैरसैण विधान सभा सत्रा बाद अघिल विधान सभा चुनावों लिजी नेता लोग सक्रिय है गयीं। नेता लोग य बीच गौं-गौं जैबे आपुण पछ्याण बनाण में लागि रयीं। विधायक निधि और सांसद निधि डबल आपुण जाण-पिछाण वाल नेताओं कैं दिणै तैयारी हैगे। हमार गौंक सभापति ज्यू कूणी कि विधायक निधि और सांसद निधि डबलौ में काम करणी गौं पन एक है एक ठेकदार तैयार है गयीं। चुनाव बखत भीड़ जुटाणी ठेकदारों कैं विधायक निधि और सांसद निधि डबल देई जानी बल। सरकार तो खूब विकासै बात करण रै। पर उत्तराखंड में अस्पतालों हालत ठीक नहां। सरकारि स्कूल बंद होते जाणी। गरीब और गरीब होते जाणी। ठुल लोग हर साल नई गाड़ि खरीदण रयीं और नई बिल्डिंग बनाण रयीं। कुछ जागरूक लोग जात-पात खतम हैजो य लिजी आपुण नाम पर आपुण जात नि लेखण राय। पर आपुण वोटों चक्कर में सरकार जातिगत व्यवस्था कैं बढ़ाण रै। अलबेर जनगणना में लोग अब आपुण जाति लै लेखाल बल।
उत्तराखंड में हाई गैस-हाई गैस हैरै। जै पास द्वि है जादे सिलेंडर घर भतेर छन। उ लै परेशान छू। जै पास इक्कै सिलेंडर छू उ लै परेशान हैरौ। वन माफिया, शराब माफिया और आज भोउ गैस माफिया लै जादे सक्रिय है गयीं। लोग धर्मा दुगुण कमाणै तैयारी करण रयीं। गैस महंग होते जाणै। सरकारल दीदि बैणियां कैं आपुण तरफ बटी गैसा चुल और सिलेंडर मुफ्त दि रयीं। क्ये करछा सिलेंडर भरण हूं लै उनार पास ढेपू टॉक नहां। गौं पना लोग तो चुल जगै बे गैसै बचत करण रयीं। बजार पन इंडैक्शन वाल चुल जादे बिचाण रयीं। सब मौकौ फैद उठाण चानी। घरौं पन कुछ लोगूंल चुल जलाण चाल करि हालौ।
‘ओ भिना कसिकै जानूं दोरिहाटा’ य गीत तो आपुं लोगूंल सुणै छू। द्वरहाटौ साल्दे बिखोती कौतिक एक महैण बाद यानी वैशाख द्वि पैट हूं हुणी छू। आज भोउ पाली पछाऊं पन लोग आठूं कौतिक, साल्दे बिखोती कौतिक और सोमनाथै तैयारी में लागि रयीं। गेवाड़ में पैली आठूं कौतिक में जत्ती मारी जांछी। सब लोगूंल मुख मिलै बे मार-काट यानी बलि प्रथा बंद करि हाली। साल्दे बिखोती लिजी दोर्याव आपुण नगार में घ्यू डालि बे आज भोउ घाम में तताण रयीं। द्वरहाट में चैत एक पैट यानी फूलदेई दिन बटी झ्वाड़ चाल है जानी। उसि तो झ्वाड़ कम है गयीं। पर नई पीढ़ी नान तिन झ्वाड़ां कैं जिंद धरणै कोशिश करण रयीं। क्वे-क्वे जगां ब्याल बखत नगार और दमु दगाड़ झ्वाड़ सुणण में ऊनी। बूंगा चौधरी नगरै घमघमाट अलगै सुणण में ऐंछ। बूंग में झ्वाड़ दगाड़ आंटई बाजी लै लोग करनी। सयाण लोग बतानी कि वेति पैली दुमंजिल झ्वाड़ लै हुंछी। द्वरहाटा भगनौल गायक टीकराम ज्यू लै अलबेर भौत याद आल। कुछ समय पैलि उ लै खतम है गयीं। द्वरहाट चौखुटी में कुछ स्यैणी लै भगनौल और जोड़ मारनी। द्वरहाट में हर साल नई-नई झ्वाड़ और गीत गौं पना लोग बनानी। साल्दे मेला कमेटी कौतिक कैं भल बनाणै लिजी कोशिश करण रै बल।
पहाड़ पन चैत में भिटोई दिणियां हकाहक हैरै। जादेत्तर लोग ऑनलाईन ढेपू टॉक भेजि बे आपुण च्येलि बटी और दीदि बैणियां कैं भिटौई भेजण रयीं। 19 मार्च हूं हिंदू पंचागा अनुसार नई साल यानी नौ सवंत्सर छू। पंडि ज्यू बताण रयीं अलबेर 15 मार्च बटी 15 अप्रैल तक खरमास छू। य बीच शुभ कार्य वर्जित ह्वाल कै पंडि ज्यू बताण रयीं। नई सवंत्सर यानी नौ साल में पंडि ज्यू घर-घर जैबे संवत्सर में पैट-अपैट बतै बे लोगों कैं पुज पाठ करणा लिजी बतौनै छन। आज भोउ तो टेलीविजन में लै पैट-अपैट बतौणौ कारबार बढ़ते जाणौ। अखबार वाल लै आपुण अखबारै बिक्री लिजी अखबार में भविष्यफल दिणै रयीं। शहर बजार पन या कोर्ट कचहरी नजिक भविष्य बताणी लोग लै भविष्य बतै बे लोगों कैं भल बाट बतौणै कोशिश करनै छन। उ विचार दुसरौ भविष्य तो बतानै छन। उनर भविष्य क्ये छू। य बात उ खुद लै नि जाणन। द्वि साल पैली नव सवंत्सर में पंडि ज्यूल नई-नई ब्या ब्योलि कै बताछ कि यैक भविष्य भल छू। पढ़ि लिखी ब्वारी मिलि रै। य कुंडली में लेखि रौ कि इकै सरकारि खजाण बटी डबल मिलाल। किस्मतै मारी ब्योलि कैं सरकारि खजाण बटी विधवा पिल्सण मिलण चाल हैगे। इथै कै स्कूलों में बोर्डा इम्तिहान पुर हुणी छन। 31 मार्च हुं छ्वाट नना रिजल्ट सुणाई जाल। य क्वीड चलि रयीं। बीच में द्यो हुणा वजैल मौसम फिर ठंड हैगो। मौसम बदलाव हुण रौ। आपुण ज्यानै हिफाजत करिया। तबै पालना होलि। नौ संवत्सर यानी नौ साल आपुं सब लोगों कैं लहण भुगतण है जो। सबूं कैं बरकत ऐजो। अला-ब्ला टलि जो। गोल ज्यू कृपा सबूं पर बणी रैजो।
आज इतूकै लेखण रयूं। चिट्ठी ठुलि हैगे कै नराज झन हया। रोज सोचनू कि कम लेखूल। पर मनसुप जसै लागि जानी। चिट्ठी मिलि गे कै एक आंखर लेखि दीया। आज भोउ सबूं मुबाइल पर अनलिमिटेड प्लान हूंछ। एक आंखर लेखि दिला। तुमर मुबाइल घोइण जै क्ये रौ। चिट्ठी पढ़ि बे भल लागलौ तो इष्ट मितुरौं कै लै शेयर करि दीया। पहाड़ पन आपुण इज-बौज्यू और आम-बुब कै इकलै झन छोड़िया। गौं बाखई पन लोग बहुत मजाक बनानी। मरि बे पिपो पाणि और सराद में पंडि ज्यू कैं दान करि दिया। भलि बात छू। पर ज्यौन जी बुड़-बाड़ी कैं एक घुटुक चहा बखत पर मिलि जाओ, य जुगाड़ करि दिया। आज भोवा ब्वारी सास सौरन कैं जादे मुख नि लगाण राय। शिबौ बुड़-बाड़ि परेशन छन। भोल हमरि लै यसै गत्त होलि य समझि बे बुड़-बाड़ी स्याउ करि दिया। मौसम बदलण रौ। आपण ज्यानै हिफाजत करीया तबै पालना होलि। बांकि फिर लेखूल
तुमर मितुर,
उदय किरौला
संपादक बालप्रहरी
सचिव बालसाहित्य संस्थान
दरबारीनगर अल्मोड़ा उत्तराखंड
मोबाइल 9412162950
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