राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से आत्मनिर्भर बनी जानकी जानोटी
अल्मोड़ा-जनपद अल्मोड़ा के विकासखंड हवालबाग अंतर्गत ग्राम पंचायत खत्याड़ी की निवासी जानकी जानोटी ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़कर आत्मनिर्भरता की प्रेरणादायी मिसाल प्रस्तुत की है।
जानकी जानोटी वर्ष 2021 में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित “जिज्ञासा स्वयं सहायता समूह” से जुड़ीं। समूह गठन से पूर्व वह केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थीं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ नहीं थी और उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
वर्ष 2021 में सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आजीविका संवर्धन की दिशा में कदम बढ़ाया। इसके पश्चात उनके समूह का रिद्धीका ग्राम संगठन एवं विकास स्वायत सहकारिता खत्याड़ी (क्लस्टर) के रूप में गठन किया गया, जिसमें जानकी जानोटी को उनकी सक्रिय भूमिका के चलते प्रमुख महिला के रूप में चुना गया।
परियोजना निदेशक एनआरएलएम के एन तिवारी ने बताया कि एनआरएलएम के अंतर्गत समूह को आर.एफ. (Revolving Fund) एवं सीआईएफ के तहत रू0 65000 की वित्तीय सहायता प्रदान की गई साथ ही सी.सी.एल. (Community Credit Linkage) के अंतर्गत रू. 150000 की लिमिट भी बनाई गई। इसके अतिरिक्त आरसेटी हवालबाग के माध्यम से टेडी बियर निर्माण एवं एनआरएलएम द्वारा जूट बैग निर्माण का प्रशिक्षण दिलवाया गया। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद वर्ष 2023 में सी.आई.एफ. एवं सी.सी.एल. की धनराशि से विकास स्वायत सहकारिता खत्याड़ी के अंतर्गत जूट उत्पाद निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया तथा “हिमान्या आउटलेट” की स्थापना की गई।
वर्तमान में जानकी जानोटी उक्त आउटलेट में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं, जिससे उन्हें प्रतिवर्ष न्यूनतम ₹1,14,000/- की आय प्राप्त हो रही है।
उनके उत्कृष्ट कार्य एवं योगदान को देखते हुए दिनांक 05 जून 2025 को विकास स्वायत सहकारिता खत्याड़ी में उच्च अधिकारियों द्वारा उन्हें सम्मानित भी किया गया।
आज जानकी जानोटी एक आत्मनिर्भर महिला उद्यमी के रूप में न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर रही हैं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए भी प्रेरणा स्रोत बनकर उभरी हैं। उनकी सफलता की कहानी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की प्रभावशीलता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।